पाकिस्तान को लगा डबल झटका,8 साल के सबसे निचले स्तर पर अर्थव्यवस्था
नई दिल्ली। आतंकवाद पर दोहरे मापदंड की वजह से दुनिया भर में अलग-थलग पड़ चुके पाकिस्तान की हालत बेहाल है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान की मुश्किल दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की राहत पैकेज भी पाकिस्तान की खस्ताहाल को सुधार नहीं पाएगा। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चरमराने लगी है। देश महंगाई से जूझ रहा है तो वहीं देश की जीडीपी विकास दर 8 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है।

नेशनल अकाउंट कमेटी द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक कृषि के क्षेत्र में आई गड़बड़ी के कारण आर्थिक धीमेपन का असर देश की अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है। हालात ये है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से मिले 6 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज भी पाकिस्तान की हालत को सुधारने के लिए काफी नहीं है। पाकिस्तान का जीडीपी 8 साल के सबसे निचले स्तर में पहुंच चुका है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान की जीडीपी विकास दर 3.3 प्रतिशत रह ने की उम्मीद है। जबकि साल 2018-19 के लिए इसका लक्ष्य 6.2 प्रतिशत अनुमानित किया गया था। वहीं देश महंगाई से लड़ रहा है। पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान को शर्तों के साथ 6 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज देने का फैसला किया है। अगले तीन साल में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए 6 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज मिलेगा।












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