कोरोना संकट के बीच चीन ने HDFC बैंक के 1.75 करोड़ शेयर खरीदे
नई दिल्ली। पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ रही है। इस संकट की वजह से तमाम देशों में लॉकडाउन है, जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता दिख रहा है। इस बीच पीपल्स बैंक ऑफ चायना ने एचडीएफसी बैक के 1.75 करोड़ रुपए के शेयरों को खरीदा है। चायना के बैंक ने 17492909 करोड़ शेयर को खरीदा है, जोकि 1.01 फीसदी शेयर हैं। माना जा रहा है कि शेयरों की यह खरीद जनवरी से मार्च के बीच हुई है। इस खरीद के समय पर सवाल उठ रहे है। इसकी बड़ी वजह यह है कि पिछले कुछ हफ्तों से एचडीएफसी बैंक के शेयर नीचे जा रहे थे। फरवरी के पहले हफ्ते में ही बैंक के 41 फीसदी शेयर गिर गए थे।

एचडीएफसी बैंक के शेयर गिरे
एचडीएफसी बैंक के 32 फीसदी शेयर 52 हफ्तों तक बढ़त के बाद गिरे थे। पहले इसके शेयर की कीमत 14 जनवरी 2020 को 2499.65 था जोकि 26 फीसदी गिरकर 10 अप्रैल को 1701.95 हो गए हैं। हालांकि ऐसे हालात में भी लोगों ने एचडीएफसी बैंक में अपना भरोसा जताया और इसके शेयर की खरीद गई। एलआईसी ने एचडीएफसी लिमिटेड में दिसंबर माह में अपनी साझेदारी को 4.21 फीसदी से बढ़ाकर 4.67 फीसदी तक कर दिया है। एचडीएफसी बैंक के वाइस चेयरमैन और सीईओ केकी मिस्त्री ने बताया किक पीबीओसी के पास बैंक के मार्च 2019 तक 0.8 फीसदी शेयर थे।

चीन लगातार बढ़ा रहा निवेश
एचडीएफसी के बारे में यह जानकारी उस वक्त सामने आई जब खुद मिस्त्री की ओर से इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि पीबीओसी पिछले एक साल से बैंक में अपनी साझेदारी को बढ़ा रहा है और अब उसके पास 1.1 फीसदी शेयर हैं। गौरतलब है कि चीन तमाम अहम फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन के शेयर को खरीद रहा है। चीन ने पिछले कुछ समय में एशिया के तमाम देशों की अहम संस्थाओं में अपने शेयर खरीदा है, जिसमे पाकिस्तान, बांग्लादेश भी शामिल हैं।

वैश्विक मंदी का खतरा
बता दें कि कोरोना वायरस के कारण देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगने वाला है। कोरोना वायरस ने न केवल बारत की बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था की हालत खराब कर रखी है। विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस के कारण बारत की इकोनॉमी पर बड़ा असर पड़ने वाला है। कोरोना के भारत की आर्थिक वृद्धि दर में भारी गिरावट आएगी। वर्ल्ड बैंक के अनुमान के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2019-20 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर घटकर मात्र 5% रह जाएगी तो वहीं 2020-21 तुलनात्मक आधार पर अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में भारी गिरावट आएगी , जो घटकर मात्र 2.8% रह जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications