ऑनलाइन बिक रहे थे 'सीट बेल्ट अलार्म स्टॉपर क्लिप', अब केंद्र सरकार ने लिया बड़ा एक्शन
सीट बेल्ट अलार्म स्टॉपर क्लिप अब ऑनलाइन नहीं बिकेगी। केंद्र ने इसको लेकर ई-कॉमर्स वेबसाइट को आदेश जारी कर दिया।

सड़क हादसों को रोकने के लिए कार निर्माण से जुड़ी कंपनियों ने सीट बेल्ट अलार्म बनाया, लेकिन उसका भी जुगाड़ कुछ लोगों ने खोज निकाला। जिसके तहत एक डिवाइस लगाने पर वो बंद हो जाता है। इसकी ऑनलाइन बिक्री हो रही थी, जिस पर अब केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के खिलाफ कार्रवाई की है।
जानकारी के मुताबिक अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, शॉपक्लूज और मीशो पर धड़ल्ले से ये अलॉर्म बिक रहे थे। जिस पर सख्ती दिखाते हुए सीसीपीए की चीफ कमिश्नर निधि खरे ने पांचों कंपनियों के खिलाफ वॉयलेशन ऑफ कन्ज्यूमर राइट्स और अनफेयर ट्रेड प्रेक्टिस के लिए ऑर्डर जारी किया है।
आदेश में साफ कहा गया कि वो तुरंत अपनी साइट और ऐप से सीट बेल्ट अलार्म रोकने वाली डिवाइज को हटाएं। कुछ पर तो ये डिवाइस दूसरे नाम से बिक रही थी। उन पर भी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
इस मंत्रालय ने भेजा था पत्र
दरअसल ये मामला पहले केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के संज्ञान में आया था, लेकिन ये उसका अधिकार क्षेत्र नहीं है। ऐसे में उन्होंने पड़ताल करके सीसीपीए को एक पत्र लिखा, जिसमें बताया गया कि कैसे ऑनलाइन साइटों पर अलार्म को रोकने वाले उपकरण खुलेआम बिक रहे।
क्या कहते हैं नियम?
कार में सीट बेल्ट रहता है, लेकिन लोग उसे लगाते नहीं हैं। ऐसे में केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के तहत ये नियम लाया गया कि अब हर चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट अलार्म रहेगा। अगर आगे की सीट पर ड्राइवर और उसके बगल बैठा शख्स बेल्ट नहीं लगाएंगे, तो अलार्म बजता रहेगा।
बीमा देने से इनकार कर सकती हैं कंपनियां
वहीं दूसरी ओर सीट बेल्ट अलार्म स्टॉपर क्लिप के इस्तेमाल करने से बीमा की राशि लेने में भी समस्या हो सकती है। कंपनी मालिक की लापरवाही का हवाला देकर राशि देने से मना कर सकती हैं।












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