Budget में सैलरीड-पेंशनर्स के लिए 5 बड़े ऐलान, वर्षों के इंतजार के बाद मिला तोहफा
Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 का आम बजट पेश कर दिया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए लगातार सातवीं बार देश का बजट पेश किया।
देश का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भी शानदार है। आने वाले वर्षों में भी यह बेहतर बनी रहेगी। इस बजट में हम विशेष रूप से रोजगार, कौशल, एमएसएमई और मध्यम वर्ग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

स्टैंडर्ड डिडक्शन में बदलाव
इस बजट में वित्त मंत्री ने नई आयकर व्यवस्था के तहत वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए मानक कटौती यानि स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 रुपए करने की घोषणा की। जोकि 50% की बढ़ोतरी है।
मानक कटौती आयकर की गणना करने से पहले कर्मचारी के कुल वेतन से घटाई गई एक निश्चित राशि है। हालांकि पुरानी कर व्यवस्था के तहत मानक कटौती में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इसका लाभ सिर्फ न्यू टैक्स रिजीम के लोगों को मिलेगा। पुरानी टैक्स रिजीम के लिए कोई राहत नहीं दी गई है।
न्यू टैक्स रिजीम की टैक्स स्लैब में बदलाव
3 लाख - जीरो
3-7 लाख - 5 फीसदी
7-10 लाख - 10 फीसदी
10-12 लाख- 15 फीसदी
12-15 लाख- 20 फीसदी
15 लाख से अधिक- 30 फीसदी
पेंशन और रोजगार फायदे
वित्त मंत्री ने नई कर व्यवस्था के तहत पारिवारिक पेंशन कटौती राशि को 15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने का प्रस्ताव रखा। सरकार के इस फैसले से लगभग चार करोड़ वेतनभोगी और पेंशनधारकों को राहत मिलेगी।
वित्त मंत्री ने कहा औपचारिक क्षेत्रों में शामिल होने वाले सभी नए लोगों को उनके भविष्य निधि योगदान के रूप में एक महीने का वेतन सीधे हस्तांतरित किया जाएगा।
एक महीने की अतिरिक्त सैलरी का लाभ
ईपीएफओ में पंजीकृत पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को तीन किस्तों में एक महीने का वेतन 15,000 तक का प्रत्यक्ष लाभ दिया जाएगा। इस योजना के लिए पात्रता सीमा प्रति माह 1 लाख रुपए तक का वेतन है। इसका लाभ तकरीबन 210 लाख युवाओं को होगा।
युवाओं को इंटर्नशिप
इसके साथ ही सरकार ने शीर्ष 500 कंपनियों में पांच साल में एक करोड़ युवाओं को शामिल करने वाली इंटर्नशिप योजना शुरू करने का ऐलान किया है। इंटर्न को प्रति माह ₹5,000 रुपए का भत्ता और 6,000 रुपए की एकमुश्त सहायता मिलेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि कंपनियों से अपेक्षा की जाती है कि वे प्रशिक्षण लागत को कवर करें और अपने सीएसआर फंड से इंटर्नशिप पर होने वाले खर्च की लागत का 10% योगदान दें।
साथ ही बजट में रोजगार के पहले चार वर्षों के दौरान ईपीएफओ में उनके योगदान के आधार पर कर्मचारियों और नियोक्ताओं (इम्प्लॉयर)दोनों के लिए प्रोत्साहन भी शामिल हैं। नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए उनके ईपीएफओ योगदान के लिए दो वर्षों तक प्रति माह 3,000 रुपये तक का योगदान दिया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications