Budget 2024: इस बार बजट में टैक्स स्लैब, स्टैंडर्ड डिडक्शन पर हो सकता है बड़ा ऐलान, जानिए एक्सपर्ट की राय
Union Budget 2024: आम बजट की तारीख करीब आ रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश करने जा रही हैं। ऐसे में लोगों को वित्त मंत्री से उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। लोगों को उम्मीद है कि वित्त मंत्री आयकर की स्लैब में बदलाव कर सकती हैं, संभावित टैक्स में कटौती का ऐलान कर सकती हैं।
साथ ही सेक्शन 80सी के तहत अतिरिक्त छूट मिल सकती है। बहरहाल इन तमाम उम्मीदों के बीच टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि आयकर की स्लैब में वित्त मंत्री कुछ बदलाव जरूर कर सकती हैं, जिसमे पिछले कुछ समय से बदलाव नहीं हुआ है। लिहाजा मोदी 3.0 में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

स्टैंडर्ड डिडक्शन
स्टैंडर्ड डिडक्शन की शुरुआत सबसे पहले 2018 के बजट में हुई थी और 40000 रुपए तक की छूट इसमे दी गई थी। जिसे 2019 के बजट में बढ़ाकर 50,000 रुपए तक कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इस बजट में इसे बढ़ाकर 60-70 हजार किया जा सकता है। इसकी वजह है कि 2019 से इसमे कोई बदलाव नहीं किया गया है।
एक्यूब वेंचर्स के डायरेक्टर आशीष अग्रवाल ने बताया कि मौजूदा छूट 50 हजार रुपए की है, जिसे बढ़ाकर 60 से 70 हजार तक किया जा सकता है। जिसके बाद सैलरीड लोगों की आयकर स्लैब बढ़ जाएगी और उन्हें इसका लाभ मिलेगा।
सेक्शन 80 सी
सेक्शन 80 सी में छूट की बात करें तो इसकी मदद से वेतनभोगी 1.5 लाख रुपए तक की आयकर में छूट हासिल कर सकते हैं। क्लीयर टैक्स के फाउंडर एंड सीईओ अर्चित गुप्ता कहते हैं कि सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाली छूट में 2014 से कोई बदलाव नहीं किया गया है।
करदाताओं को महंगाई का बोझ झेलना पड़ रहा है। ऐसे में अगर सरकार की ओर से इसमे बढ़ोतरी की जाती है तो इससे करदाता ईएलएसएस, एफडी, पीपीएफ आदि में सेविंग करेंगे, जिससे वो टैक्स बचा पाएंगे।
टैक्स स्लैब
टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी की बात करें तो कई रिपोर्ट्स में कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्र सरकार किसी भी टैक्स को लागू करने से पहले आयकर की सीमा को बढ़ा सकती है। अगर इसे 5 लाख किया जाता है तो करदाताओं को इसका काफी लाभ मिलेगा।
सीए गौरव गुंजन का कहना है कि अगर टैक्स में छूट की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख किया जाता है तो इसका मतलब है कि लोगों को 8.5 लाख तक की आय पर कोई आयकर नहीं देना होगा। बशर्ते इसमे स्टैंडर्ड डिडक्शन, 87ए के तहत मिलने वाली छूट को भी शामिल किया जाए।
जीआई ग्रुप के डायरेक्टर कुलजीत सिंह का कहना है कि इस बजट में हमें बड़े सुधार की उम्मीद है। इसमे सबसे अहम है टैक्स स्लैब में बदलाव। लोगों की आय बढ़ने से उन्हें खर्च करने में प्रोत्साहन मिलेगा और जिससे देश की अर्थव्यवस्था भी रफ्तार मिलेगी।
एनपीएस
एनपीएस को लेकर भी एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि इसमे भी सरकार इस बजट में बड़े बदलाव कर सकती है। इस बार मैच्युरिटी के समय बजट में टैक्स फ्री निकासी को लेकर भी ऐलान हो सकता है। ताकि इस स्कीम को अन्य रिटायरमेंट वाली सेविंग स्कीम ईपीएफ के समान किया जा सके।
टॉप टैक्स में छूट
डेलोइट इंडिया की दिव्या बावेजा का कहना है कि सरकार इस बार टॉप टैक्स रेट को भी 30 फीसदी से कम करके 25 फीसदी कर सकती है। जिस तरह से लगातार हेल्थकेयर का खर्च बढ़ा है उसे देखते हुए सरकार सेक्शन 80डी के तहत मिलने वाली छूट को बढ़ा सकती है। मौजूदा समय में 25000 तक की छूट है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह छूट 50 हजार है। इसे बढ़ाकर 50 हजार और 75 हजार किया जा सकता है।












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