Bisleri: नहीं बिकेगी बिसलेरी कंपनी, पापा की विरासत को संभालेंगी लाडली जयंती चौहान!, जानिए उनके बारे में
जब रमेश चौहान ने इटैलियन ब्रैंड बिसलेरी को खरीदा था, तब उनकी उम्र मात्र 28 साल थी, आज बिसलेरी भारत में पैकेज्ड वॉटर का सबसे बड़ा ब्रैंड है।

Jayanti Chauhan Profile: अब 'बिसलेरी' कंपनी नहीं बिकेगी क्योंकि तय हो गया है कि अरबों के इस कारोबार को कौन संभालेगा, तो सुनिए इस विरासत और कोई नहीं बल्कि अरबपति और बिसलेरी इंटरनेशनल के चेयरमैन रमेश चौहान की इकलौती और लाडली बेटी जयंती चौहान ही संभालेंगी। Economictimes की खबर के मुताबिक कंपनी और टाटा ग्रुप के बीच बातचीत समाप्त होने के बाद 'बिसलेरी' कंपनी के नेतृत्व ने फैसला किया है कि वो अपने कारोबार को बेचेगी नहीं बल्कि अब इसकी कमान जंयती चौहान के हाथ में होगी, जो कि अभी तक कंपनी में वाइस चेयरपर्सन की पोस्ट संभाल रही हैं।

जयंती चौहान होंगी कंपनी की नई मालिकन
यानी कि बिसलेरी इंटरनेशनल के चेयरमैन रमेश चौहान की बेटी जयंती चौहान अब बोतलबंद पानी कंपनी का नेतृत्व करेंगी। बता दें कि टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (टीसीपीएल) के साथ टेकओवर की प्लानिंग फेल होने के बाद कंपनी मैनेजमेंट ने इस सेल ना करने का फैसला किया है लेकिन अब इस कंपनी की मालकिन रमेश चौहान नहीं बल्कि उनकी बेटी होगी।

'जयंती ही पेशेवर टीम के साथ कंपनी चलाएगी'
बिसलेरी के चेयरमैन रमेश चौहान ने ईटी को बताया कि 'अब हम अपना कारोबार बेचना नहीं चाहते हैं और जयंती ही हमारी पेशेवर टीम के साथ कंपनी चलाएगी।'
बिजनेस में कोई दिलचस्पी नहीं है इसलिए...
आपको बता दें कि नवंबर 2022 में खबर आई थी कि 82 साल के रमेश चौहान ने खराब स्वास्थ्य और इकलौती संतान जंयती का उनके बिजनेस में कोई दिलचस्पी नहीं होने की वजह से इसे बेचने का फैसला किया है और वो टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (TCPL) से बातचीत भी कर रहे हैं जो कि बिसलेरी को 7,000 करोड़ रुपए में खरीदने को तैयार भी है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

रमेश-जैनब चौहान की इकलौती बेटी हैं जंयती
आपको बता दें कि जयंती चौहान उद्योगपति रमेश जे चौहान और जैनब चौहान की इकलौती बेटी हैं। साल 1985 में जन्मी जंयती चौहान ने लंदन के फैशन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड मर्चेंडाइजिंग से पढ़ाई की है और वो ट्रैवलिंग और फोटोग्राफरी को पसंद करती हैं।
'Bisleri' कंपनी का भविष्य खतरे में...
उन्होंने अपने पापा के बिजनेस को साल 2009 में ज्वाइन किया था लेकिन ज्वाइन करने के एक साल बाद जयंती अरेबियन पढ़ने के लिए लंदन चली गई थीं। उसी वक्त लोगों को लगा था कि 'Bisleri' कंपनी का भविष्य खतरे में है लेकिन साल 2011 में जयंती वापस आईं और उन्होंने नए मार्केटिंग प्लान के साथ इस बिजनेस को आगे बढ़ाया, जिससे कंपनी जबरदस्त मुनाफे में आ गई।

कंपनी की लोकप्रियता में जंयती का बड़ा हाथ
दूसरे शब्दों में कहा जाए कि कंपनी को खड़ा तो रमेश चौहान ने किया लेकिन कंपनी में लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचाने का काम किया जंयती चौहान ने, उन्हीं की वजह से इस कंपनी का ऑफिस मुंबई में खुला और आज ये कंपनी पानी के आलावा Vedika, फिजी फ्रूट ड्रिंक्स जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है।
'Bisleri' की लोकप्रियता चरम पर
आज भारत के जो 60 प्रतिशत लोग बोतल बंद पानी खरीदते हैं, जिसमें से हर तीसरे इंसान की 'Bisleri' पहली पसंद है।
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