Bank Strike: बैंकों की हड़ताल, लगातार 2 दिन बंद रहेंगे सरकारी और प्राइवेट बैंक
Bank Strike:लगातार 2 दिन बंद रहेंगे सरकारी और प्राइवेट बैंक
नई दिल्ली, 10 जनवरी। अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई काम अटका हुआ है तो बैंक जाने से पहले दो दिनों की प्रस्ताविक हड़ताल के बारे में जरूरी जानकारी रख लें,वरना आपकी परेशानी बढ़ सकती है। दरअसल फरवरी में फिर से बैंकों की हड़ताल होने जा रही है। इस बार इस हड़ताल में सरकारी बैंकों के साथ-साथ निजी सेक्टर के बैंक भी शामिल होंगे।

बैंकों की हड़ताल
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में एक बार फिर से देशभर के बैंकों में हड़ताल प्रस्ताविक है। फरवरी महीने में दो दिन बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर रहने वाले हैं। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ यानी AIBEA की केंद्रीय कमेटी ने इस हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद देशभर के बैंक इस हड़ताल में शामिल होंगे।

23 और 24 फरवरी को बैंकों की हड़ताल
23 और 24 फरवरी को देशभर के बैंकों की हड़ताल होने जा रही है। इस बार हड़ताल में देशभर के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों के कर्मचारी शामिल होंगे। हड़ताल के लिए सेंट्रल ट्रेड यूनियन्स और अन्य संगठनों ने मिलकर इस हड़ताल की घोषणा की है, इस हड़ताल में देश भर के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों के कर्मचारी शामिल होंगे। AIBEA के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने कहा है कि संगठन सं संबंधित सभी बैंकों और उनके सदस्यों को इस ह़ड़ताल में शामिल होने को कहा गया है।

क्यों की जा रही है बैंकों की हड़ताल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने दो सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंक के कर्मचारी दो दिनों की हड़ताल करने जा रहे हैं। इससे पहले 15 और 16 मार्च 2021 में भी बैंकों की हड़ताल की गई थी। दरअसल सरकार लगातार सरकारी बैंकों का निजीकरण कर रही है, जिसके विरोध में बैंक कर्मचारी अपनी नाराजगी हड़ताल के जरिए दिखा रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्राइवेटाइजेशन को लेकर सरकार की योजना के विरोध में फिर से बैंकों ने हड़ताल का आवाहन किया है। बैंक संगठनों का कहना है कि ये न केवल बैंक के कर्मचारियों के जीवन और जीवनयापन को बचाने की लड़ाई है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी बचाने के लिए जरूरी है।












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