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Bofa का अडानी समूह पर 'ओवरवेट' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू, फंडिंग एक्सेस मजबूत का भरोसा, समझें गेम

Adani Group's Bonds News: अमेरिकी निवेश बैंक 'बैंक ऑफ अमेरिका' (बोफा) ग्लोबल रिसर्च ने अडानी समूह पर क्रेडिट कवरेज शुरू करते हुए उसके कई यूएस डॉलर बॉन्ड्स पर 'ओवरवेट' रेटिंग दी है। रिपोर्ट में समूह की मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर डीलीवरेजिंग (ऋण कम करने की प्रक्रिया) और घरेलू-अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एक्सेस को हाइलाइट किया गया है, जो 2023 की हेनगे शॉर्ट-सेलर रिपोर्ट और 2024 के यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) के अभियोग जैसे विवादों के बीच एक सकारात्मक संकेत है।

बोफा ने अडानी को 'उच्च गुणवत्ता वाला इंफ्रास्ट्रक्चर क्रेडिट' करार दिया, जो एशियाई समकक्षों की तुलना में आकर्षक वैल्यूएशन ऑफर करता है। लेकिन रिपोर्ट ने जोखिमों - जैसे DOJ केस का प्रतिकूल फैसला या गवर्नेंस आरोपों का फिर से उभरना - पर भी चेतावनी दी है। आइए, इस रिपोर्ट की गहराई में उतरें, जो अडानी शेयरों को बूस्ट दे रही है और बाजार में नए निवेश के द्वार खोल रही है।

Adani Group s Bonds News

अडानी समूह की वित्तीय मजबूती: EBITDA 10.5 अरब डॉलर, डेट-टू-EBITDA रेशियो में सुधार

बोफा की रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी समूह का वित्त वर्ष 2025 का EBITDA (अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिशिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन) ₹89,800 करोड़ (लगभग 10.5 अरब अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गया, जिसमें 80% से ज्यादा योगदान उसके कोर इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस - जैसे पोर्ट्स, यूटिलिटीज और रिन्यूएबल एनर्जी - से आया। समूह का शुद्ध ऋण-से-EBITDA अनुपात FY19 के 3.8x से घटकर 2.6x हो गया, जो डीलीवरेजिंग की मजबूत रणनीति को दर्शाता है।

पिछले एक साल में अडानी ने रिफाइनेंसिंग और इक्विटी इनवेस्टमेंट के जरिए 6 अरब डॉलर से ज्यादा की फंडिंग जुटाई। रिपोर्ट में सक्रिय लायबिलिटी मैनेजमेंट का जिक्र है, जिसमें 400 मिलियन डॉलर से ज्यादा के बॉन्ड बायबैक शामिल हैं, जिससे स्प्रेड्स (ब्याज दरों का अंतर) कम हुए और ड्यूरेशन मैनेजमेंट में सुधार आया। भारत के सेबी ने समूह की कंपनियों पर चल रही 24 जांचों में से 22 को क्लोज कर दिया है, जबकि फिच और S&P ने क्रेडिट प्रोफाइल पर स्थिर या पॉजिटिव आउटलुक बहाल किया। पिछले तीन सालों में कोई बड़ी क्रेडिट डाउनग्रेड नहीं हुई, जो समूह की रेजिलिएंस (लचीलापन) को दिखाता है।

प्रमुख कंपनियों पर ओवरवेट कॉल: पोर्ट्स से रिन्यूएबल्स तक मजबूत प्रोजेक्टेड ग्रोथ

बोफा ने चुनिंदा बॉन्ड्स पर ओवरवेट रेटिंग दी, जो समूह की डाइवर्सिफाइड ऑपरेशंस को रिफ्लेक्ट करती है:

  • अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (ADSEZ): भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर FY25 में ₹18,400 करोड़ का EBITDA पोस्ट किया, जो पिछले साल से 14% ज्यादा है। कंपनी कैपेक्स को दोगुना कर ₹15,000 करोड़ करने की प्लानिंग कर रही है, जबकि लिवरेज को 2.4x पर रखेगी। बोफा ने ADSEZ 2031/32 बॉन्ड्स पर ओवरवेट कहा, डाइवर्सिफाइड पोर्ट ऑपरेशंस और स्टिकी कार्गो वॉल्यूम्स का हवाला देते हुए।
  • अडानी इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल (ADINCO): MSC के साथ JV, 54% मार्जिन पर ऑपरेट करती है। FY28 तक लिवरेज को 1.0x तक कम करने का टारगेट। बोफा ने 2031 बॉन्ड्स पर ओवरवेट रिकमेंडेशन दी।
  • अडानी ट्रांसमिशन (ADTIN): देश की लीडिंग प्राइवेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी, 5.0x लिवरेज रेशियो के साथ। कवरेज 2x से ज्यादा और रेगुलेटरी कैश फ्लोज स्टेबल। अगले तीन सालों में लिवरेज 6x से नीचे रखने का अनुमान।
  • अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई (ADANEM): कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की 25.1% स्टेकहोल्डिंग के साथ, 15-17% रेगुलेटेड रिटर्न और 3.8x लिवरेज। बोफा ने 2030 बॉन्ड्स पर ओवरवेट कहा।
  • अडानी ग्रीन एनर्जी (AGELE RGS): टोटलएनर्जीज के JV, रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स सिक्योर्ड एसेट्स और लॉन्ग-टर्म काउंटरपार्टीज से बेनिफिटेड।

बोफा ने कहा, 'समूह का सॉलिड एसेट बेस कैश फ्लो और क्रेडिट प्रोफाइल को एंकर करता है, खासकर पोर्ट्स, यूटिलिटीज और रिन्यूएबल्स सेक्टर में।'

लचीला फंडिंग और मार्केट एक्सेस: एशियाई पीयर्स से बेहतर वैल्यू

रिपोर्ट में जोर दिया गया कि सिस्टेमिक रिस्क्स कंट्रोल्ड हैं, और अडानी को घरेलू व ग्लोबल फंडिंग तक मजबूत एक्सेस है। समूह के बॉन्ड्स एशियाई इन्वेस्टमेंट-ग्रेड पीयर्स (भारत, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, चीन) की तुलना में वाइडर स्प्रेड्स पर ट्रेड कर रहे हैं, जो 20-40 बेसिस पॉइंट्स की टाइटनिंग का अवसर देते हैं। बोफा के अनुसार, गवर्नेंस रिलीफ की कीमत का री-प्राइसिंग हो रहा है। अगर फंडिंग प्रेशर बढ़ा तो कैपेक्स स्लोडाउन से क्रेडिट मेट्रिक्स सपोर्ट हो सकते हैं।

जोखिमों पर सतर्कता: DOJ केस, एक्सपैंशन और गवर्नेंस चिंताएं

आशावादी आउटलुक के बावजूद, बोफा ने रिस्क्स फ्लैग किए: DOJ केस में कोई एडवर्स रूलिंग, एग्रेसिव एक्सपैंशन प्लान्स, ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी से मैक्रो प्रेशर, या गवर्नेंस आरोपों का रिसर्जेंस। ये बाजार सेंटिमेंट को इम्पैक्ट कर सकते हैं।

बाजार पर असर: अडानी शेयरों में उछाल, निवेशकों का भरोसा बढ़ा

रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में पॉजिटिव मूवमेंट देखा गया। अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स और अडानी ग्रीन में 1-2% की बढ़त हुई। ये कवरेज समूह की रिकवरी को सिग्नल करता है, खासकर DOJ इंडिक्टमेंट के बाद। विशेषज्ञों का कहना है कि ये बॉन्ड इन्वेस्टर्स के लिए आकर्षक एंट्री पॉइंट है।

मुख्य आंकड़ों का सारांश

क्रमांक पैरामीटर डिटेल
1
FY25 EBITDA ₹89,800 करोड़ (~$10.5 अरब), 80% इंफ्रा से
2
डेट-टू-EBITDA 2.6x (FY19 से 3.8x से कम)
3
फंडिंग जुटाई $6 अरब+ (पिछला साल)
4
SEBI जांचें 22/24 क्लोज
5
ओवरवेट बॉन्ड्स ADSEZ 31/32, ADINCO 31, ADTIN 36, ADANEM 30

अडानी समूह की ये जर्नी साबित करती है कि मजबूत फंडामेंटल्स विवादों से ऊपर उठ सकते हैं। क्या ये रेटिंग ग्रुप के वैल्यूएशन को और बूस्ट देगी? कमेंट्स में अपनी राय शेयर करें!

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