साल 2017-18 के मुकाबले दोगुना हुआ मुद्रा लोन का NPA, बढ़ेगी सरकारी बैंकों की मुश्किल

नई दिल्ली। भारतीय बैंक पहले से ही NPA के दवाब में हैं। बैकों का Non Performing Asset लगातार बढ़ रही है, ऐसे में सरकार की मुद्रा लोन योजना ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2017-18 में सरकारी बैंकों द्वारा बांटे गए मुद्रा लोन की वजह से बैंकों का एनपीए दोगुना हो गया है। मुद्रा लोन के तहत दिए गए कर्ज में साल 2017-18 के दौरान सरकारी बैंकों का एनपीए दोगुने से बढ़कर 7277 करोड़ रुपए हो गया है।

 As sanctions increase, Mudra loan NPAs nearly double during 2017-18
पिछले तीन सालों में इस लोन की वजह से एनपीए में लगातार तेजी आ रही है। वित्त मंत्रालय द्वारा पेश किए आंकड़ों के मुताबिक साल 2015-16 में सरकारी बैंकों ने मुद्रा लोन के तहत 59674.28 करोड़ रुपए का लोन बांटा। इस दौरान एनपीए 596.72 करोड़ रही। वहीं साल 2016-17 में बैंकों ने इस लोन के तहत बांटे गए कर्ज की वजह से सरकारी बैंकों का NPA बढ़कर 3790 करोड़ हो गया। इस आकड़ें में लगातार बढ़ोतरी होती रही और साल 2017-18 में मुद्रा लोन में एनपीए का आंकड़ा 7277 करोड़ रुपए हो गया।

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने साल 2015 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत की, जिसके तहत तीन अलग-अलग वर्ग में लोगों को कर्ज मुहैया कराया जाता है।

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