Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Success Story: कैसे आनंद महिंद्रा बने भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के सरताज? Vivek Bindra ने बताई सफलता की कहानी

भारत में ऑटोमोबाइल के क्षेत्र की दिग्गज कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है। उनके दादा केसी महिंद्रा कंपनी के संस्थापक थे। कंपनी की बागडोर जब से उनके हाथ में आई तो उन्होंने कंपनी की बुलंदियों पर पहुंचा दिया। सफलता का कभी कोई शॉर्टकट नहीं होता, ये बात सभी के लिए लागू होती है। हालांकि आनंद महिंद्रा बिजनेस विरासत में जरूर मिला था, लेकिन जितना बड़ा अंपायर उन्होंने खड़ा किया, वो सिर्फ और सिर्फ उनके संघर्षों के चलते ही संभव हो पाया। महिंद्रा ने अपनी कंपनी को बदलते समय के साथ लगातार अपडेट किया। समय के साथ कदम ताल मिलाकर चलने का ही परिणाम रहा कि इतनी पुरानी कंपनी आज भी ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में लोगों की पहली पसंद में शामिल है।

Anand Mahindra Success Story

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा का नाम आज देश के शीर्ष उद्योगपतियों में लिया जाता है। हजारों करोड़ के कारोबार के साथ उनका समूह देश के टॉप कॉरपोरेट घरानों में एक है। लेकिन जब उनके करियर की बात करें तो एक संपन्न उद्योगपति घराने संबंधित होने के बावजूद उन्होंने खुद के लिए मुश्किलभरी राहें चुनीं।

आनंद महिंद्रा भारत आज के दिग्गज बिजनेसमैन में शामिल हैं। डॉ विवेक बिंद्रा ने हाल में उनसे एक इंटरव्यू में कई अहम सवाल पूछे। उन्होंने बताया कि वे आज भी टैलेंट ढूंढते रहते हैं। जहां भी कोई टैलेंटेड शख्स उन्हें नजर आता है, वे उसे प्रोत्साहित करने से नहीं चूकते।

आनंद महिंद्रा ने हाल ही में अपने करियर की शुरुआत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उनके करियर की शुरुआत ऑटो प्लांट में शॉप फ्लोर से हुई है। इसका मतलब हुआ कि वाहन बनाने वाले संयंत्र में जहां मैन्युफैक्चरिंग का काम होता है, आनंद महिंद्रा ने वहां से अपने काम की शुरुआत की है।

हावर्ड से किया MBA
आनंद महिंद्रा ने हावर्ड से ही MBA किया है। इसके बाद उन्होंने व्यापार में कार्य शुरु किया। आनंद ने अपनी कंपनी में कई वर्षों तो इंटर्न के तौर पर काम किया। धीरे- धीरे बिजनेस में उनका टैलेंट दिखा। वर्ष 1991 में महिंद्रा ग्रुप का रेवेन्यू सिर्फ 1250 करोड़ हुआ करता था वो 2024 में बढ़कर 1.20 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है।

बना डाली भारत के सबसे फेमस कार
महिंद्रा एंड महिंद्रा 1991 में जब आनंद महिंद्रा ने फोर्ड के साथ मिलकर Escort नाम एक कार लॉन्च किया था। लेकिन ये प्रयोग विफल साबित हुआ। एस्कार्ट मॉर्केट में फेल हुई लेकिन आनंद महिंद्रा ने हार नहीं मानी और वे पवन गोयनका से मिले। यहां उन्होंने कार के जिस मॉडल की पेशकश की वो बेहद महंगी थी। ऐसे में इंवेस्टर्स नहीं मिले तो आनंद महिंद्रा ने खुद एक गाड़ी बनाना का फैसला किया। साल 2002 में उन्होंने स्कॉर्पियो कार लॉन्च की जो महिंद्रा ग्रुप की सबसे सफल कार साबित हुई।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+