उथल-पुथल के बाद बिटकॉइन ने फिर देखी बढ़त, 30,000 डॉलर के ऊपर किया कारोबार
नई दिल्ली, 23 जून। सोमवार और मंगलवार को लगे भारी झटके के बाद बुधवार को दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने एक बार फिर बढ़त देखी। बिटकॉइन 4.5% की बढ़त के साथ हांगकांग के बाजार में बुधवार सुबह 9:38 33,837 डॉलर पर कारोबार कर रही थी। इसके पहले मंगलवार को बिटकॉइन में 12 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह डिजिटल करेंसी जनवरी के बाद पहली बार 30,000 डॉलर के नीचे पहुंच गई थी।

मई में आई गिरावट के बाद पिछले सप्ताह बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसी ने बढ़त दर्ज करनी शुरू की थी कि रविवार को चीन के सिचुआन प्रांत में क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग को लेकर हुई सख्ती के बाद बाजार का रुख बदल गया। चीनी सख्ती के बाद बिटकॉइन एक बार फिर भरभरा पड़ी और 30,000 डॉलर के नीचे पहुंच गई जो कि अप्रैल में इसके सर्वोच्च स्तर से 50 प्रतिशत से भी ज्यादा नीचे थी जबकि जनवरी के बाद ऐसा पहली बार हुआ था कि बिटकॉइन 30 हजार डॉलर से नीचे उतरी हो।
बिटकॉइन निवेशकों के लिए अभी भी मुश्किल
अप्रैल के मध्य में बिटकॉइन 64,898 डॉलर तक पहुंच गया था। डिजिटल करेंसी ने 2020 में चौगुनी बढ़त के बाद 29,000 डॉलर के साथ 2021 की शुरुआत की थी।
क्रिप्टो बाजार के जानकारों का कहना है कि जो संकेत हैं उसमें आने वाले कुछ सप्ताह में बिटकॉइन निवेशक खुद को काफी मुश्किल में पा सकते हैं।
चार्ट पर नजर डालें तो बिटकॉइन, जो पिछले सप्ताह 40,000 डॉलर से ऊपर रहने में विफल रहा फिर इस सप्ताह में 30,000 डॉलर से नीचे गिर गया। अभी भी मुश्किल बनी हुई है और यह 20,000 डॉलर तक संघर्ष कर सकता है।
बिटकॉइन में उथल-पुथल
पिछले कुछ समय में छोटे निवेशकों की गर्मजोशी के बाद बिटकॉइन ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ था लेकिन मई के बीच में टेस्ला सीईओ को ऊर्जा खपत को लेकर चिंता जताने और उसके बात चीन की सख्ती के चलते बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसी में भारी गिरावट देखी गई थी। आखिरकार तीन महीने बाद पहली बार बिटकॉइन 40,000 डॉलर के नीचे आ गई थी। एक महीने की उथल-पुथल के बाद पिछले सप्ताह बिटकॉइन ने फिर से बढ़त पकड़ी थी कि चीन ने क्रिप्टो माइनिंग के खिलाफ सिचुआन प्रांत में कार्रवाई शुरू कर दी जिसके बाद एक बार फिर यह गिर गई।












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