जानिए क्या है मोदी सरकार की तरफ से लॉन्च किया गया 'भारत क्यू आर' कोड

मर्चेन्ट और ग्राहक दोनों को ही भुगतान का नोटिफिकेशन तुरंत ही मिल जाएगा। भारत क्यूआर कोड से किसी भी दुकान पर पीओएस मशीन रखने और ग्राहक को अपने पास कार्ड रखने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

नई दिल्ली। भारत सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए क्यूआर कोड का इस्तेमाल करके भुगतान करने का एक नया तरीका शुरू किया है। इस तरीके को भारत क्यूआर (BHARAT QR) नाम दिया गया है। इससे पहले भारत सरकार यूपीआई और भीम ऐप जैसे डिजिटल भुगतान करने के तरीके शुरू कर चुकी है। अब भारत क्यूआर कोड डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से शुरू किया गया है। यह तरीका पूरी दुनिया में अपनी तरह का पहला कदम है।

कार्ड कंपनियां एक साथ मिलीं

कार्ड कंपनियां एक साथ मिलीं

मौजूदा समय के अनुसार क्यू आर कोड सिस्टम यूजर्स के लिए भुगतान करने का सबसे आसान तरीका है। हालांकि, दुनियाभर में मर्चेन्ट आउटलेट अलग-अलग तरीके के क्यू आर कोड का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में भारत क्यू आर ने कोशिश की है कि देश में क्यूआर कोड से भुगतान करने का एक स्टैंडर्ड तरीका हो। इसके लिए मास्टरकार्ड, अमेरिकन एक्सप्रेस, नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) और वीजा एक साथ जुड़े हैं, ताकि भारत क्यूआर को देश में अधिक से अधिक प्रमोट किया जा सके। ये भी पढ़ें- जानिए, कैसे पाएं रिलायंस जियो की प्राइम मेंबरशिप, जिसमें मिलेंगे शानदार ऑफर

ऐसे होगा इस्तेमाल

ऐसे होगा इस्तेमाल

इसके लिए आपको अपने फोन में पहले से इंस्टॉल किया हुआ भीम ऐप या फिर अपना बैंकिंग ऐप खोलना होगा और उसके जरिए मर्चेन्ट के क्यू आर कोड को स्कैन करना होगा। इसके बाद जितने पैसों का भुगतान करना है, वह लिखकर 4 अंकों का कोड डालकर ट्रांजैक्शन को ऑथेंटिकेट करना होगा। इसके बाद पैसे सीधे आपके खाते से मर्चेंट के बैंक खाते में पहुंच जाएंगे। मर्चेन्ट और ग्राहक दोनों को ही भुगतान का नोटिफिकेशन तुरंत ही मिल जाएगा। भारत क्यूआर कोड से किसी भी दुकान पर पीओएस मशीन रखने और ग्राहक को अपने पास कार्ड रखने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

ट्रांजैक्शन फीस से मिलेगा छुटकारा

ट्रांजैक्शन फीस से मिलेगा छुटकारा

भारत क्यू आर कोड के चलते पीओएस मशीन के छुटकारा मिलेगा, जिसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ट्रांजैक्शन फीस नहीं लगेगी, जो बैंक चार्ज करते थे। अब मर्चेन्ट को सिर्फ अपने आउटलेट के लिए भारत क्यू आर कोड की जरूरत होगी और उसके जरिए भुगतान हो सकेगा। भारत क्यू आर कोड के जरिए भुगतान करने के लिए सबसे पहले बैंक के ऐप में जाएं और भारत क्यू आर सेलेक्ट करें। इसके बाद कैमरा मर्चेन्ट के क्यू आर कोड को स्कैन करने के लिए तैयार हो जाएगा। इसके बाद आपको सिर्फ भुगतान की राशि डालकर भुगतान करना होगा। ये भी पढ़ें- रिलायंस जियो: मुकेश अंबानी ने जियो प्राइम प्लान की घोषणा की, साल भर के लिए सिर्फ 99 रुपए

मोबाइल वॉलेट से है अलग

मोबाइल वॉलेट से है अलग

अभी तक के मोबाइल वॉलेट जैसे पेटीएम, फ्रीचार्ज और मोबीक्विक जैसे भुगतान के माध्यमों का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले इन वॉलेट में पैसे ट्रांसफर करने होते हैं और फिर उसके बाद भुगतान किया जाता है। साथ ही, इन सभी माध्यमों का इस्तेमाल करने के लिए दोनों ही पार्टियों के पास एक समान माध्यम का होना जरूरी है। मर्चेन्ट के नजरिए से देखा जाए तो इन माध्यमों का इस्तेमाल करने के लिए उन्हें एक ट्रांजैक्शन फीस देनी होती है और साथ ही पैसों की सीमा भी सीमित होती है। भारत क्यू आर कोड की मदद से यह सभी सीमाएं समाप्त हो जाएंगी, क्योंकि यह सीधे आपके बैंक खाते से लिंक होगा। पैसे सीधे आपके खाते से मर्चेंट के बैंक खाते में आईएमपीएस के जरिए ट्रांसफर होंगे। साथ ही इसकी भी कोई सीमा नहीं है कि मर्चेन्ट अपने बैंक खाते में कितने पैसे रख सकते हैं।

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