नितिन गडकरी का दावा, अगले 2 साल में इलेक्ट्रिक हो जाएंगी बसें
नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क और परविहन मंत्री नितिन गडकरी ईधन को वैकेल्पिक स्रोत के बहुत पक्ष में रहते बैं। उन्होंने उद्योगो को कुछ बार शुद्ध बिजली की तरफ शिफ्ट होने को कहा है। जबकि वो भी जानते हैं कि बिना बुनियादी ढांचे के विकास के बिना ये संभव नहीं है। सोमवार को सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों में ऊर्जा दक्षता पर नैशनल कॉन्क्लेव के दौरान गडकरी ने कहा कि देश में सभी बसें ईंधन के वैकल्पिक स्रोत पर स्विच हो जाएंगी। इसमें बायो-सीएनजी, मेथनॉल और इथेनॉल शामिल होंगे।

'दो साल में सभी बसें इलिक्ट्रिक'
उन्होने कहा कि ये अपने आप हो जाएगा, इसके लिए प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं है।गडकरी ने कहा कि आने वाले दो सालों में भारत में सभी बसें बिजली से चलेंगी। वर्तमान में भारत में कुछ राज्यों में बिजली से चलने वाली बसें हैं। ये एक पायलट प्रोजेक्ट हिस्सा का हैं, जो ये देखने के लिए है कि इलैक्ट्रिक टेक्नोलॉजी में स्विच करना कितना सफल होगा होगा या नहीं होगा। जैसा कि हम सभी जानते हैं, यह बिना उत्सर्जन के वाहन चलाने का एक अच्छा तरीका है।
सरकार के थिंक टैक नीति आयोग ने प्रस्ताव दिया है कि एक तय समयसीमा में चरणबद्ध तरीके से डीजल और पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया तथा तीन पहिया वाहनों को सड़क से हटा
जाए। हालांकि गडकरी ने फिलहाल इसे रोक दिया है। बजाज और टीवीएस जैसे दोपहिया निर्माताओं ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा था कि ये संभव नहीं है।












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