एयरटेल करेगा टेलेनॉर का अधिग्रहण, मिलेंगे 4.4 करोड़ नए यूजर
23 फरवरी को दोनों कंपनियों के बीच एक एग्रिमेंट हुआ है, जिसमें इस बात पर सहमति बनी है कि एयरटेल टेलेनॉर इंडिया के ऑपरेशन और लाइसेंस का पूरा कंट्रोल अपने अपने हाथ में ले लेगा।
नई दिल्ली। रिलायंस जियो के ऑफर से जहां ग्राहकों को फायदा हो रहा है, वहीं अन्य टेलीकॉम कंपनियों की नींद उड़ गई है। भारती एयरटेल लिमिटेड भारत में टेलेनॉर का अधिग्रहण करने की तैयारी पूरी कर चुका है। पूरे देश में जहां-जहां भी टेलेनॉर चल रहा है, एयरटेल उस पूरे ऑपरेशन का अधिग्रहण कर लेगा। 23 फरवरी को दोनों कंपनियों के बीच एक एग्रिमेंट हुआ है, जिसमें इस बात पर सहमति बनी है कि एयरटेल टेलेनॉर इंडिया के ऑपरेशन और लाइसेंस का पूरा कंट्रोल अपने अपने हाथ में ले लेगा। इस अधिग्रहण के बाद टेलेनॉर कंपनी के सारे कर्मचारी एयरटेल के हो जाएंगे और साथ ही टेलेनॉर के सभी यूजर भी। आपको बता दें कि करीब 4.4 करोड़ लोग टेलेनॉर का इस्तेमाल करते हैं।

इस अधिग्रहण का कारण पूछने पर टेलेनॉर ग्रुप के सीईओ सिग्वे ब्रेक्के (Sigve Brekke) ने कहा है कि भारत से बाहर निकलने का यह फैसला यूं ही नहीं लिया गया है। इसके लिए पूरी रिसर्च की गई है। भारती एयरटेल के मैनेजिंगि डायरेक्टर और सीईओ (भारत और दक्षिण एशिया) गोपाल विट्टल ने कहा है कि यह अधिग्रहण होने के बाद देश में हमारी स्थिति कुछ खास सर्कल में और अधिक मजबूत हो जाएगी। वह बोले कि इस अधिग्रहण से टेलेनॉर के नेटवर्क और उसके ग्राहकों पर एयरटेल का पूरा कंट्रोल हो जाएगा, जिसके बाद टेलेनॉर के सभी ग्राहक एयरटेल के प्रोडक्ट और सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। ये भी पढ़ें- स्नैपडील में काम करने वाले 600 लोगों की जाएगी नौकरी
दोनों कंपनियों के बीच हो रहे इस एग्रिमेंट में टेलेनॉर की तरफ से स्पेक्ट्रम के लिए देने वाली शेष राशि के साथ-साथ कई अन्य चीजों को भी शामिल किया गया है, जिसमें टावर की लीज भी शामिल है। हालांकि, अभी इस अधिग्रहण के लिए डिपार्टमेंट ऑफ टेलेकम्युनिकेशन इन इंडिया और कॉम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया से कुछ मंजूरियां लेना बाकी है। यह अधिग्रहण अगले 12 महीनों में पूरा हो जाएगा।












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