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₹70 हजार करोड़ का दांव, 30 हजार नौकरियां और ‘न्यू इंडिया’ का पावरहाउस! Advantage Vidarbha 2026 का रोडमैप

Advantage Vidarbha 2026 के मंच से विदर्भ के भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान हुआ है। अडानी ग्रुप के डायरेक्टर जीत अडानी ने यहां ऐसा विजन रखा, जिसने उद्योग जगत से लेकर नीति निर्धारकों तक का ध्यान खींच लिया।

उनका साफ संदेश था कि विदर्भ अब सिर्फ संभावनाओं का इलाका नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक रफ्तार को आगे बढ़ाने वाला अगला इंजन बनने जा रहा है। इस विजन के केंद्र में है ₹70,000 करोड़ का निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, बड़े पैमाने पर रोजगार और टिकाऊ विकास।

Advantage Vidarbha 2026

विदर्भ को लेकर जीत अडानी ने क्या कहा? (Advantage Vidarbha 2026 Vision)

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए जीत अडानी ने कहा कि Advantage Vidarbha 2026 सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि उन लोगों का मंच है जो विदर्भ, महाराष्ट्र और पूरे भारत का भविष्य गढ़ने वाले हैं। उन्होंने कहा कि विदर्भ की पहचान उसकी सांस्कृतिक विरासत, मजबूत जड़ों और अनोखी ताकत से रही है। उनके मुताबिक, 'विदर्भ' नाम ही इसकी शक्ति को दर्शाता है, जो पवित्रता और मजबूती का प्रतीक है।

इतिहास से भविष्य तक विदर्भ की कहानी क्या है? (Vidarbha Legacy and Growth)

जीत अडानी ने विदर्भ के इतिहास को याद करते हुए कहा कि यह इलाका हमेशा से शिल्प, संस्कृति, साहस और ज्ञान का केंद्र रहा है। नागपुर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कभी सेंट्रल प्रोविंसेज और बरार की राजधानी रहा यह शहर आज उद्योग, कनेक्टिविटी और इनोवेशन का उभरता हब बन चुका है। उनका मानना है कि विदर्भ अब अपनी विरासत को नई आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत में बदलने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सरकारी नेतृत्व की भूमिका अहम(Leadership Driving Development)

जीत अडानी ने विदर्भ में तेज होते विकास के लिए केंद्र और राज्य के नेतृत्व को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि यह बदलाव किसी संयोग का नतीजा नहीं है, बल्कि उन नेताओं की सोच और फैसलों का परिणाम है जिन्होंने विदर्भ की क्षमता पर भरोसा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और क्लीन एनर्जी पर फोकस को उन्होंने निवेश के लिए मजबूत माहौल बनाने वाला बताया। वहीं, नितिन गडकरी की तारीफ करते हुए कहा कि कनेक्टिविटी सिर्फ इंजीनियरिंग नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण है। महाराष्ट्र के नेतृत्व को लेकर उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए लगातार काम किया है।

₹70,000 करोड़ का निवेश (Adani Investment Vidarbha)

जीत अडानी ने साफ किया कि अडानी ग्रुप का विदर्भ में जुड़ाव सिर्फ कारोबारी नहीं, बल्कि पीढ़ियों तक चलने वाला है। उन्होंने बताया कि ग्रुप का फोकस तीन बातों पर है। पहला, भारत के लिए साफ और भरोसेमंद ऊर्जा तैयार करना। दूसरा, इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करना। तीसरा, स्थानीय समुदायों और युवाओं के लिए समावेशी विकास।

उन्होंने बताया कि तिरोड़ा में महाराष्ट्र का सबसे बड़ा 3,300 मेगावाट का सुपरक्रिटिकल पावर प्लांट पहले से काम कर रहा है। 2025 में 600 मेगावाट के बुटीबोरी प्लांट को दोबारा शुरू किया गया है। इसके अलावा 25 साल का समझौता राज्य को 6,600 मेगावाट बिजली की स्थायी आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

30 हजार नौकरियों वाला मेगा प्रोजेक्ट (Coal Gasification Project)

सबसे बड़ा ऐलान लिंगा, कलमेश्वर में बनने वाले इंटीग्रेटेड कोल गैसीफिकेशन और डाउनस्ट्रीम डेरिवेटिव्स कॉम्प्लेक्स को लेकर हुआ। ₹70,000 करोड़ की इस परियोजना से करीब 30,000 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी। जीत अडानी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ केमिकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करेगा और नागपुर को क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी के वैश्विक नक्शे पर स्थापित करेगा।

लॉजिस्टिक्स, एविएशन और माइनिंग में अहम बदलाव (Logistics and Aviation Hub)

अडानी ग्रुप विदर्भ में लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए बोरखेड़ी में 75 एकड़ का ICD विकसित कर रहा है और 24 बॉर्डर चेक पोस्ट का अधिग्रहण किया गया है, जिससे फ्रेट कॉस्ट घटेगी और एक्सपोर्ट बढ़ेगा। एविएशन सेक्टर में, MIHAN में 30 एकड़ का MRO कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है, जिससे नागपुर इंटरनेशनल एविएशन हब के तौर पर उभरेगा।

गोंडखैरी में अंडरग्राउंड माइनिंग को जीत अडानी ने जिम्मेदार खनन का मॉडल बताया, जहां न्यूनतम जमीन का इस्तेमाल, विस्थापन शून्य और पर्यावरण संरक्षण पर खास जोर है।

सस्टेनेबिलिटी और समाज के लिए क्या किया जा रहा है? (Sustainability and Community Growth)

उन्होंने बताया कि अडानी फाउंडेशन के जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पोषण, सोलर लाइटिंग, पानी, खेल और स्कूल विकास पर काम हो रहा है। ग्रुप का लक्ष्य 2030 तक 10 करोड़ पेड़ लगाना है और 2027 तक 60 प्रतिशत ऊर्जा रिन्यूएबल सोर्स से लेने की दिशा में काम चल रहा है।

अपने संबोधन के अंत में जीत अडानी ने कहा कि उन्हें विदर्भ सिर्फ महाराष्ट्र का एक क्षेत्र नहीं, बल्कि आने वाले दशकों में भारत की ग्रोथ स्टोरी को परिभाषित करने वाला इलाका नजर आता है। उनके मुताबिक, साझेदारी, निवेश और भरोसे के साथ विदर्भ को अवसर और समृद्धि का नया केंद्र बनाया जाएगा।

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