कैशलेस इकॉनोमी को लेकर हड़बड़ी में है मोदी सरकार: आदि गोदरेज
गोदरेज के चेयरमैन आदि गोदरेज का कहना है कि कैशलेस इकॉनोमी को हासिल करने में मोदी सरकार कुछ ज्यादा ही हड़बड़ी दिखा रही है।
नई दिल्ली। गोदरेज के चेयरमैन आदि गोदरेज का कहना है कि सरकार का नोटबंदी का फैसला आने वाले वक्त में अच्छा साबित हो सकता है लेकिन भारत में कैशलेस इकॉनमी की बात कहना कुछ ज्यादा ही जल्दीबाजी है।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू आदि गोदरेज ने नोटबंदी, सरकार के दावे और भारतीय अर्थव्यवस्था पर अपने विचार रखे हैं। गोदरेज ने नोटबंदी के कदम का समर्थन तो किया साथ ही सरकार के दावों पर कई प्रश्न भी उठाए हैं।
गोदरेज ने कहा कि भारतीय इकॉनोमी को कैशलेस करने की बात कहना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी देश ऐसा नहीं हैं जहां कैश का इस्तेमाल ना होता हो या अर्थव्यवस्था कैशलेस हो।
आदि ने कहा कि विकसित देशों में कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग का का खूब इस्तेमाल होता है लेकिन ऐसा नहीं कि वहां भी कैश के बिना काम चल जाता है। उन्होंने कहा कि भारत में क्योंकि एक बड़ा तबका गांव में रहता है, तो ऐसे में कैशलेस व्यवस्था परेशानी का सबब बन सकती है।
सरकार को भी नहीं था नोटबंदी के बाद की परेशानी का अंदाजा
देशभर में कैश को लेकर हो रही भारी परेशानी और मौतों पर गोदरेज ने कहा कि इससे फैसला से पहले तैयारी की कमी जान पड़ती है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पहले सरकार को नए नोटों का इंतजाम करना चाहिए था।
आदि गोदरेज सरकार के भ्रष्टाचार खत्म हो जाने के दावे पर कहा कि उन्हें नहीं लगता कि 500 और 1000 के नोट बंद हो जाने से देश में भ्रष्टाचार नहीं होगा।
आदि गोदरेज ने कहा कि केंद्र की सरकार को भी ये अंदाजा नहीं था कि देश मे रोजाना कितना काम कैश के जरिए होता है, यही नोटबंदी के बाद अव्यवस्था का सबसे बड़ा कारण रहा है।












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