Adani Ambuja Cement में करीब 36.90 अरब रुपये का स्टॉक बेचेंगे! इतना बड़ा फैसला क्यों लेना पड़ा? जानिए
Adani Ambuja Cement में अपने शेयर बेचने की तैयारी में हैं। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद शेयर मार्केट में हिचकोले खाने वाली अंबानी ग्रुप की कंपनियां लाभ में आने के बाद शेयर बेचने की तैयारी कर रही हैं। जानिए क्या हैं कारण

Adani Ambuja Cement में स्टॉक बेचने की कवायद में जुटे हैं। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इंटरनेशनल निवेशकों से कहा है कि उन्हें लोन के बकाये का निपटारा करना है ऐसे में उन्होंने 4-5 फीसद स्टॉक बेचने की पहल की है। रिपोर्ट के अनुसार इतने शेयर 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी भारतीय रुपये में करीब 36.90 अरब का होगा। बता दें कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर लंबे समय तक करोड़ों रुपये के नुकसान में रहे।
अडानी समूह ने अंबुजा सीमेंट का 450 मिलियन डॉलर मूल्य का 4-5 प्रतिशत बेचने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं से औपचारिक अनुरोध किया है। इस कदम का मकसद ग्रुप पर कर्ज का बोझ कम करना है। बता दें कि अरबपति उद्योगपति ने स्विट्जरलैंड के होल्सिम ग्रुप से अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी का अधिग्रहण किया था। दो सीमेंट निर्माताओं ने मिलकर अडानी को भारत का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट कारोबारी बना दिया। भारतीय बाजार में अडानी से बड़ा सीमेंट कारोबार आदित्य बिड़ला समूह के अल्ट्राटेक सीमेंट का है।
स्विट्जरलैंड के होल्सिम ग्रुप से अंबुजा सीमेंट्स और उसकी सहायक कंपनी एसीसी लिमिटेड का 6.4 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण पूरा करने के महीनों बाद, उद्योगपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी ग्रुप सीमेंट कारोबार में कुछ हिस्सेदारी बेचना चाहता है। टाइम्स नाऊ की एक रिपोर्ट के अनुसार अडानी समूह अंबुजा सीमेंट में कुछ हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है।
बता दें कि अडानी समूह हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के मद्देनजर समूह की उधारी पर चिंताओं को दूर करने और निवेशकों का विश्वास हासिल करने की लगातार कोशिश कर रहा है। समूह ने हाल ही में अप्रैल 2025 में अपनी परिपक्वता से पहले विदेशी बैंकों और भारतीय उधारदाताओं को 902 मिलियन डॉलर यानी 7,374 करोड़ रुपये के शेयरों से समर्थित प्रीपेड ऋण दिया।

अडानी समूह ने एक बयान में कहा, फरवरी के महीने में पहले किए गए पुनर्भुगतान के साथ, अडानी ने 2,016 मिलियन अमेरिकी डॉलर के शेयर समर्थित फाइनांस का प्रीपेड किया है। यह फैसला 31 मार्च 2023 से पहले सभी शेयर समर्थित वित्तपोषण को प्रीपे करने के लिए प्रमोटरों की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।












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