7th Pay Commission: केन्द्रीय कर्मचारियों को ऐसे होगा फायदा, बढ़ेगा फिटमेंट फैक्टर
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नई दिल्ली। 7th Pay Commission लागू होने के बाद केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी खबर यह आ रही है कि सरकार ने न्यूनतन वेतन में बढ़ोत्तरी करना तय कर दिया है। इससे एक बात तो साफ है कि सरकार को फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाना होगा। आइए जानते हैं सरकार कितना बढ़ाएगी फिटमेंट फैक्टर और अब कितनी हो जाएगी आपकी सैलरी।

इतना बढ़ेगा फिटमेंट फैक्टर - 7th Pay Commission
सूत्रों ने यह दावा किया है कि सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर तीन गुना करेगी। अगर सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर तीन गुना कर देती है तो फिर न्यूनतम सैलरी भी 21,000 रुपए हो जाएगी। मौजूदा समय में फिटमेंट फैक्टर 2.57 है। अभी सरकार ने न्यूनतम सैलरी को बढ़ाकर 18,000 करने का फैसला किया था, लेकिन अब 1 जनवरी 2018 से न्यूनतम सैलरी 21,000 किए जाने की योजना है।

न्यूनतम वेतन में सुधरेगी आर्थिक स्थिति?
कर्मचारियों में 7th Pay Commission को लागू होने को लेकर कई तरह की परेशाानियां हैं। उनका मानना है कि इससे पहले ही उसकी स्थिति अधिक अच्छी थी। 10 साल की कड़ी मेहनत के बाद सातवें वेतन आयोग के रूप में मिला फल उनके लिए हितकारी नहीं है। यह तय हो गया है कि मोदी सरकार अगले साल से केन्द्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 21,000 रुपए करेगी, लेकिन क्या इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में कोई सुधार होगा?

ये है बड़ी दिक्कत - 7th Pay Commission
अधिकतर केन्द्रीय कर्मचारियों का मानना है कि बेसिक न्यूनतम वेतन में बढ़ोत्तरी से भी कर्मचारियों की स्थिति नहीं सुधरेगी। कुछ कर्मचारियों का तो यह भी कहना है कि वहह मोदी सरकार की पॉलिसी के पीड़ित हैं। इस साल केन्द्रीय कर्मचारियों के वेतन में 14.27 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। कर्मचारी परेशान हैं क्योंकि इससे वह अपनी सामान्य जरूरतें भी सही से पूरी नहीं कर पा रहे हैं। सरकार बेसिक न्यूनतम वेतन को 18,000 रुपए से बढ़ाकर 21,000 रुपए करने जा रही है, लेकिन क्या इससे कोई फर्क पड़ेगा। अगर सरकार न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 26,000 रुपए कर देती है, तभी जाकर केन्द्रीय कर्मचारियों का आर्थिक बोझ कम होगा।

7th Pay Commission - नहीं मिलेगा एरियर
सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वह वेतन तो बढ़ाएगी, लेकिन किसी को भी एरियर नहीं देगी। यह केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी दिक्कत की वजह है। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि सरकार आखिर एरियर क्यों नहीं दे रही है। अगर सरकार एरियर दे देती है तो केन्द्रीय कर्मचारी बेसिक न्यूनतम वेतन 21,000 होने से भी खुश होंगे, लेकिन अगर सरकार एरियर नहीं देती है तो न्यूनतम वेतन 26,000 करने पर ही केन्द्रीय कर्मचारियों का बोझ कम होगा।












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