7 आईटी कंपनियों में 56000 लोगों की जाएगी, नई टेक्‍नोलॉजी और ट्रंप को दिया दोष

एक के बाद एक करके भारतीय कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी करने पर लग गई हैं। अभी तक सात बड़ी आईटी कंपनियों ने 56,000 इंजीनियरों की छुट्टी करने की तैयारी कर ली है।

नई दिल्‍ली। एक के बाद एक करके भारतीय कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी करने पर लग गई हैं। अभी तक सात बड़ी आईटी कंपनियों ने 56,000 इंजीनियरों की छुट्टी करने की तैयारी कर ली है।

7 आईटी कंपनियों में 56000 लोगों की जाएगी, नई टेक्‍नोलॉजी और ट्रंप को दिया दोष

सातों कंपनियां इसके करीब 4.5 फीसदी लोगों को निकालने की तैयारी

सातों कंपनियां इसके करीब 4.5 फीसदी लोगों को निकालने की तैयारी

अगर पिछले साल से तुलना करें तो यह संख्‍या दोगुनी हो जाती है। भारतीय आईटी कंपनियां छंटनी करने के पीछे बाजार में नई टेक्‍नोलॉजी का आना और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनल्‍ड ट्रंप की नीतियों को बता रही हैं। भारत की सात बड़ी आईटी कंपनियों में इंफोसिस लिमिटेड, विप्रो लिमिटेड, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्‍नोलॉजी, अमेरिकी बेस्‍ड कंपनी कॉग्निजेंट टेक्‍नोलॉजी, सॉल्‍यूशन कॉरपोरेशन और डीएक्‍ससी को, फ्रांस की कैपेजेमिनी एसए हैं। इन कंपनियों में काम करने वालों की संख्‍या 12.40 लाख है जबकि ये सातों कंपनियां इसके करीब 4.5 फीसदी लोगों को निकालने की तैयारी में हैं।

कॉग्निजेंट ने 15,000 से ज्‍यादा कर्मचारियों को लोएस्‍ट केटेगरी में डाल दिया

कॉग्निजेंट ने 15,000 से ज्‍यादा कर्मचारियों को लोएस्‍ट केटेगरी में डाल दिया

इस सात कंपनियों में से दो के एचआर ने बताया कि अभी युवाओं की भर्तियों पर जोर रहेगा। मिंट ने 22 वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों का इंटरव्‍यू करने के बाद यह आंकड़ें इकट्ठा किए हैं। आपको बताते चले कि कॉग्निजेंट ने 15,000 से ज्‍यादा कर्मचारियों को लोएस्‍ट केटेगरी में डाल दिया है। वहीं इंफोसिस ने 3000 सीनियर इंजीनियरों को ऐसी जगह पर बैठा दिया है।

हर साल की तरह रिव्‍यू करेगी

हर साल की तरह रिव्‍यू करेगी

डीएक्‍ससी टेक्‍नोलॉजी ने बताया कि तीन साल में में भारत में स्थित में कार्यलयों में कर्मचारियों की संख्‍या को 50 फीसदी से घटाकर 26 के स्‍तर पर लाएगा। कंपनी की योजना है कि भारत में काम करने वाले अपने 175,000 लाख कर्मचारियों में से 10,000 को वह इस साल नौकरी छोड़ने के लिए कह देगा। इस बावत कई कंपनियो ने दबी जुबान में माना कि वो हर साल की तरह अपने यहां रिव्‍यू करेंगी तो वहीं कुछ कंपनियों ने कहा कि अभी उनके यहां लोगों को नौकरी से निकालने की कोई योजना नहीं है। एचसीएल के प्रवक्‍ता ने कहा कि उनकी योजना इस साल और कर्मचारियों से नौकरी छोड़ने के लिए कहे जाने की नहीं है। वहीं महिंद्रा टेक ने कहा कि वो अपने यहां हर साल की तरह रिव्‍यू करेगी।

कुल 6 फीसदी तक लोगों को नौकरी से निकालने की योजना

कुल 6 फीसदी तक लोगों को नौकरी से निकालने की योजना

आपको बताते चले कि पिछले सालों में आईटी कंपनियों ने अपने यहां काम करने वाले 1 से 1.5 फीसदी कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के लिए कह चुके थे। पर इस साल कंपनियां कुल 6 फीसदी तक लोगों को नौकरी से निकालने की योजना बना रहे हैं। वहीं टीसीएस की प्रवक्‍ता ने बताया कि उनकी कंपनी में काम करने वाले लोगों की संख्‍या 3,90,000 है पर उनकी योजना किसी से भी नौकरी छोड़ने के लिए कहने की नहीं है।

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