"बीजेपी को वोट दो, खेती करना छोड़ दो", आवारा गौवंश से परेशान ग्रामीणों ने किया अनोखा आंदोलन
ग्रामीणों ने कुछ आवारा गोवंशो को एक सरकारी स्कूल में बंद कर दिया। इतना ही नही, आवारा गोवंशो को स्कूल में बंद करने के बाद ग्रामीण स्कूल के गेट पर ही बैठ गए। उनका आरोप है कि आवारा गोवंश किसानों की फसल को बर्बाद कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में आज एक अनोखा आंदोलन देखने को मिला है। यहां के ग्रामीणों द्वारा आवारा पशुओं से परेशान होकर कुछ ऐसा किया गया जिसे देख हर कोई हैरान है। ग्रामीणों ने कुछ आवारा गोवंशो को एक सरकारी स्कूल में बंद कर दिया। इतना ही नही, आवारा गोवंशो को स्कूल में बंद करने के बाद ग्रामीण स्कूल के गेट पर ही बैठ गए। उनका आरोप है कि आवारा गोवंश लगातार किसानों की फसल को बर्बाद कर रहे हैं। जिसकी लिखित शिकायत कई बार अधिकारीयों से भी की गई है। लेकिन उसपर कोई कार्यवाही अभी तक नहीं की गई।

स्कूल में बच्चे नहीं, गाय और बछड़े कर रहे हैं पढाई
दरअसल, यह पूरा मामला बुलंदशहर के पहासू ब्लाक क्षेत्र के गांव कुंवरपुर का है। यहाँ के ग्रामीणों ने आज गांव के सभी आवारा पशुओं को हकाल कर यहां के एक मात्र प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया। जिससे स्कूल में अब न तो कोई बच्चा पढ़ने आया और न ही कोई मास्टर पढ़ाने। ग्रामीणों का कहना है कि यहां इतनी अधिक तादाद में आवारा पशु हैं कि किसानों की सारी फसल को बर्बाद कर देते हैं। यही नहीं बल्कि कई बार इनकी वजह से सड़क दुर्घटना भी हो जाती है। इसके इलावा यह पशु कभी-कभी ग्रामीणों पर हमला कर देते हैं, जिससे अभी तक कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं।
मजबूरन हमें स्कूल में इन जानवरों को बंद करना पड़ा - ग्रामीण
उनका कहना है कि हमने इसकी शिकायत कई बार लिखित में अधिकारीयों तक पहुंचाई है, लेकिन प्रशासन की तरफ से इसका कोई हल नहीं निकाला गया। हमारी कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। इसलिए मजबूरन हमें आज स्कूल में इन जानवरों को बंद करना पड़ा। जिससे अधिकारी अब स्कूल खुलवाने आएँगे और तब हम अपनी परेशानी फिर उनसे कहेंगे।

Recommended Video

"बीजेपी को वोट दो खेती करना छोड़ दो" - ग्रामीण
आपको बता दें कि गौवंश को स्कूल में बंद करने के इलावा ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की है। "बीजेपी को वोट दो खेती करना छोड़ दो" जैसे नारे लगाकर ग्रामीणों ने अपना आक्रोश भी जताया है। साथ ही उनका यह भी है कि जब तक आवारा गोवंशो से ग्रामीणों को छुटकारा नहीं मिलता है तब तक हम गायों को स्कूल में ही बंद रखेंगे। यानी स्कूल में अब पढाई तभी चालू होगी जब प्रशासन इन आवारा पशुओं से कुंवरपुर गांव को छुटकारा दिलवा देगा।













Click it and Unblock the Notifications