सुदीक्षा भाटी की मौत का रहस्य: बुलंदशहर पुलिस का चौंकाने वाला बयान, तो क्या परिवार वाले झूठ बोल रहे हैं?
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में अमेरिका से लौटी होनहार छात्रा सुदीक्षा भाटी की मौत को दो दिन बीत चुके हैं। सुदीक्षा की मौत महज एक हादसा था या मनचलों की वजह से उसकी जान गई, इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। वहीं, सुदीक्षा के पिता की तहरीर पर मंगलवार की रात बुलंदशहर जिले के औरंगाबाद थाने में 2 अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की तेजी से जांच चल रही है। इस बीच बुलंदशहर पुलिस का एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है।
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'इंश्योरेंस के पैसों के लिए घुमाया गया मामला'
एनडीटीवी डिजिटल की खबर के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'छात्रा (सुदीक्षा भाटी) के इंश्योरेंस के पैसों के लिए इस मामले का घुमाया गया।' पुलिस का कहना है कि छात्रा से छेड़छाड़ का अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है। जबकि सुदीक्षा भाटी के परिजन लगातार यही कह रहे हैं कि वह अपने चाचा के साथ बाइक से अपने मामा के घर जा रही थी। रास्ते में बाइक सवार मनचलों से छेड़छाड़ शुरू कर दी। उनकी गाड़ी के सामने अचानक से अपनी गाड़ी रोकी, जिसकी वजह से सत्येंद्र भाटी ने अपनी गाड़ी में अचानक ब्रेक लगाया और सुदीक्षा बाइक से गिर गई और उसकी मौत हो गई।

'एक झूठ को 50 बार दोहराया जाता है, तो यह पक्का हो जाता है'
'एक झूठ को 50 बार दोहराया जाता है, तो यह पक्का हो जाता है'
एसएसपी संतोष कुमार ने कहा, 'इस मामले को लोगों द्वारा मोड़ दिया गया। महिला एक बड़ी छात्रवृत्ति पर थी और लोगों ने बीमा के पैसे के बारे में सोचा। बाइक चलाने वाले लड़के ने हाई स्कूल पास किया है, वह शायद नाबालिग है।' उन्होंने कहा, 'घटना के समय, सुदीक्षा के चाचा सतेंद्र भाटी अपने मोबाइल लोकेशन के मुताबिक दादरी में थे। वह लगभग दो घंटे बाद दुर्घटना स्थल पर पहुंचे सुबह 10:49 बजे।' उन्होंने कहा, 'पुलिस को दोषी ठहराने के लिए घटना को एक नया मोड़ दिया गया। जब एक झूठ को 50 बार दोहराया जाता है, तो यह पक्का हो जाता है सच्चाई की तरह। अभी तक की जांच में हमें उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला है।'

सुदीक्षा को मिली थी 3.83 करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप
बुलंदशहर की रहने वाली सुदीक्षा भाटी ने एचसीएल फाउंडेशन के स्कूल विद्या ज्ञान से पढ़ाई की थी। वर्ष 2018 में सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा में 98 फीसदी अंक प्राप्त जिले का नाम रोशन किया था। टॉप करने के कारण सुदीक्षा को अमेरिका के बॉस्टन यूनिवर्सिटी में दाखिला मिल गया था। इसके बाद उसे 3.83 करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप दी गई थी। जून में वह कोविड-19 के कारण गांव लौट आई थी। 20 अगस्त को उसे अमेरिका जाना था। पिता के मुताबिक, सुदीक्षा अपने चाचा सत्येंद्र भाटी के साथ मामा के घर जा रही थी। रास्ते में मनचलों की वजह से उसकी सड़क हादसे में मौत हो गई।

पिता ने कहा- पुलिस ढंग से काम नहीं कर रही, एसएसपी ने कही ये बात
पिता जितेंद्र भाटी ने कहा कि पुलिस ढंग से काम नहीं कर रही है। उल्टे उनसे पूछ रही है कि बाइक कौन चला रहा था। बाइक कोई भी चला रहा हो, लेकिन जिसने स्टंट किया, जिसने बेटी को गिराया। पुलिस उन तक क्यों नहीं पहुंच रही है। बता दें, मामला तूल पड़कने के बाद मंगलवार की रात दो अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसआईटी मामले की जांच कर रही है। एसएसपी संतोष कुमार ने कहा कि पूरे मामले में निष्पक्षता के साथ पुलिस जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि लगातार कहा जा रहा है की पुलिस आरोपियों को बचा रही है, जबकि हम आरोपी को जानते ही नहीं तो उसे छुपाने का प्रयास क्यों करेंगे।












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