कनाडा में हिरणों में फैला खतरनाक वायरस, जो इंसानों को बना सकता है 'जॉम्बी'
नई दिल्ली, 06 अप्रैल: दुनिया कोरोना वायरस के चलते पहले से ही परेशानियां झेल रही है। इसी बीच अब एक नए वायरस की एंट्री हो गई है। कनाडा में हिरणों के बीच जॉम्बी डियर नाम बीमारी तेजी से फैल रही है। बताया जा रहा है कि, ये वायरस इंसानों के लिए भी खतरनाक है। ऐसी अफवाहें सामने आ रही है कि, अगर इंसान इसके संपर्क में आता है तो उसमें जॉम्बी जैसे लक्षण आ जाएंगे। बता दें कि हॉलीवुड में जॉम्बी के उपर अभी तक कई फिल्में बन चुकी हैं।

संक्रमित हिरण मारकर खा रहे हैं दूसरे हिरण
VICE World News के अनुसार, कनाडा के हिरणों के झुंड पर एक अजीब, दुर्बल और अत्यधिक संक्रामक वायरस कहर बरपा रहा है। कनाडा के कुछ स्थानों में क्रॉनिक वेस्टिंग डिजीज (सीडब्ल्यूडी) का प्रकोप है, जो एक चिंताजनक घटना है। इस बीमारी से संक्रमित होने वाले हिरण दूसरे हिरणों को मारकर खा जा रहे हैं। कनाडा के कुछ हिस्सों में क्रोनिक वेस्टिंग डिजीज को महामारी घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही शिकारियों को इस बीमारी से बचने के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

तेजी से संक्रमित हो रहे हैं हिरण
अल्बर्टा सरकार के मछली और वन्यजीव विभाग के एक वन्यजीव रोग विशेषज्ञ और अल्बर्टा विश्वविद्यालय के एक शोधकर्ता मार्गो पाइबस ने कहा कि, यह महामारी प्रैरी और पार्कलैंड में हिरणों के बीच फैल रही है। ये महामारी हिरणों में बड़ी तेजी से फैलती जा रही है। बता दें कि कनाडा में ये महामारी आज नहीं, बल्कि सबसे पहले 1996 में देखने के लिए मिला था। इस समय एक फार्म में ये वायरस फैला था और इसके बाद रेजी से बाकी पशुओं में ये वायरस फैलता गया। बाद में जब सारे जानवरों को मार दिया गया, तब जाकर इस इंफेक्शन को रोका जा सका था।

पहले भी ये बीमारी फैल चुकी है
इससे पहले 2018 में अमेरिका और कनाडा के कुछ हिस्सों में हिरणों को 'क्रोनिक वेस्टिंग डिजीज नाम की एक बीमारी थी। इस बीमारी को 'जॉम्बी डियर डिजीज' भी कहते हैं । ये बीमारी अमेरिका के 22 राज्यों और कनाडा के 2 राज्यों में बसने वाले हिरणों में फैली थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ,इस वायरस से संक्रमित हिरण के दिमाग, रीढ़ की हड्डी और कई कोशिकाओं पर अटैक करती है। इसमें जानवरों का वजन अचानक कम हो जाता है, दिमागी संतुलन बिगड़ जाता है, वो बेहद गुस्सैल हो जाते हैं और अंत में मौत हो जाती है।

जानवर अजीबोगरीब हरकतें करने लगते हैं
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल तो ऐसे सबूत नहीं हैं कि हिरणों की ये बीमारी इंसानों में फैल सकती है। लेकिन ऐसा पाया गया है कि ये रोग अफ्रीकी लंगूरों में हिरण का मांस खाने से फैल गई थी। इससे इस बात की प्रबल संभावना है कि, ये बीमारी इंसानों पर भी अटैक कर सकती है। सीडब्लूडी बीमारी 50 साल पहले कोलाराडो में हिरणों में पाई गई थी। इस बीमारी के भयानक परिणाम होते हैं जिससे जानवर अजीबोगरीब हरकतें करने लगते हैं।

इंसानों में इस तरह से फैल सकता है ये वायरस
वहीं ये भी बताया गया है कि, इस बीमारी के चपेट में आने के बाद इंसान को लूज मोशन, डिप्रेशन, और यहां तक की लकवा मारने के भी आसार हो जाते हैं। ये इंफेक्शन इन्फेक्टेड जानवर के मांस को खाने से नहीं, बल्कि उसके यूरिन और सलाइवा यानी थूक की चपेट में आने से भी हो जाता है, हालांकि, अभी तक इंसानों में इस बीमारी के फैलने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।












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