OMG! बीच सड़क पर आग में भूनी जा रही थीं लड़कियां, जानें वजह

सड़क के बीचों-बीच लड़कियों को न्यूड कर उन्हें आग पर सेका जा रहा हो तो आप क्या करेंगे।

नई दिल्ली। सड़क के बीचों-बीच लड़कियों को न्यूड कर उन्हें आग पर सेका जा रहा हो तो आप क्या करेंगे। यकीनन आप इसका विरोध करेंगे। उसे बचाने की कोशिश करेंगे। मिसौरी के कंसास शहर के लोगों ने भी ऐसा ही किया। लोगों ने जब सड़क के बीचों बीच बार बेक्यू पर बिना कपड़ों के लड़कियों को भूनते हुए देखा तो हैरान रह गए। उन्होंने इसे रोकने की कोशिश की तो उनके सामने एक सवाल खड़ा कर दिया है, जिसका जवाब देना आसान नहीं था।

 भट्टी में सेकी जा रही थी लड़कियां

भट्टी में सेकी जा रही थी लड़कियां

मिसौरी के कंसास सिटी में लोगों ने जो देखा उसपर व यकीन नहीं कर पा रहे थे। सड़क के बीचों-बीच लड़कियों को बार बेक्यू के ऊपर लेटाकर उन्हें सेका जा रहा था। उन्हें कबाब की तरह पकाने की कोशिश कर रहे थे। ये सब देख कर लोग सकते में आ गए, लेकिन फिर उनसे जो सवाल किए गए, उसे सुनकर सब दंग रह गए।

लोगों के रिएक्शन को देखने के लिए किया गया प्रयोग

लोगों के रिएक्शन को देखने के लिए किया गया प्रयोग

सड़क पर लड़कियों के साथ ऐसा एक प्रयोग के तहत किया जा रहा था। ऐसा करने वाले आयोजक लोगों के रिएक्शन को देखना चाहते थे। वो देखना चाहते थे कि शहर के लोग लड़कियों के साथ ऐसा सलूक करने पर कैसे रिएक्ट करेंगे?लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो आयोजकों ने उनसे सवाल किया कि आप जानवरों को भी तो इसी तरफ भून कर खाते हैं, फिर इंसानों के साथ ऐसा करने पर ऐतराज क्यों?

जानवरों को बचाने की कोशिश

जानवरों को बचाने की कोशिश

दरअसल जानवरों के लिए काम करने वाली संस्था पेटा(PETA) ने जानवरों के साथ होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए जागरुकता अभियान के तहत ये प्रयोग किया। पेटा ने सदस्यों ने लोगों को जानवरों को होने वाले दर्द से लोगों को रुबरू करवाने के लिए सड़क के बीचों-बीच मॉडल्स को लिटा दिया। जानवरों को होने वाले दर्द का अहसास करवाने के लिए मॉडल्स को आग बार बेक्यू पर लिटाया।

न्यूड मॉडल्स के पीछे का तर्ज

न्यूड मॉडल्स के पीछे का तर्ज

आयोजकों ने लड़कियों को न्यूड करा कर उन्हें सड़क के बीचों-बीच लेटाया, ताकि लोग जानवरों के साथ होने वाले क्रूर व्यवहार को दर्शा सके। जानवरों की खींची गई खाल को दर्शाने के लिए उन्होंने मॉडल्स को न्यूड कर लेटाया। इस कैंपेन का मकसद लोगों में जागरुकता फैलना था।

 जानवरों के लिए काम करती है संस्था

जानवरों के लिए काम करती है संस्था

जानवरों के लिए काम करने वाली संस्था पेटा की संस्थापक इनग्रिड न्‍यूकिर्क ने लोगों में जानवरों के प्रति दया और उनके प्रति होने वाले क्रूरतो को रोकने के लिए ये प्रयोग किया। वो चाहती है कि लोग जानवरों के प्रति प्यार और स्नेह दिखाए न की उन्हें मारकर खाएं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+