ये हैं भानगढ़ के किले को 'हॉन्टेड प्लेस' बनाने वाली तीन कहानियां
Stories of Bhangarh in Hindi - भारत में एक ऐसा किला है जहां पर प्रवेश करने वालों को पहले ही चेतावनी दे दी जाती कि सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद किले के आसपास कोई न फटके। भानगढ़ राजस्थान के अलवर जिले में है।

जयपुर। भारत में एक ऐसा किला है जहां पर प्रवेश करने वालों को पहले ही चेतावनी दे दी जाती कि सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद किले के आसपास कोई न फटके। भानगढ़ राजस्थान के अलवर जिले में है। इस किले का निर्माण 15वीं या 16वीं शताब्दी में हुआ। ऐसा माना जाता है इस किले और आसपास के इलाके में भूतों का बसेरा है। आस पास के लोग कहते हैं कि रात के वक्त यहां पर पायल की आवाजें सुनाई देती हैं और घुंघरुओं की गूंज भी। बड़ी तादाद में लोग यहां घूमने के लिए आते हैं लेकिन रात होने से पहले ही वापस चले जाते हैं।
इस किले का निर्माण आमेर के राजा भगवानदास ने कराया था। भानगढ़ राजा मानसिंह के भाई माधोसिंह की राजधानी रहा। मान्यताओं के अनुसार एक दुष्ट जादूगर ने श्राप दिया था जिसके कारण यहां सब खत्म हो गया। कहा जाता है कि भानगढ़ कि राजकुमारी रत्नावती बेहद खूबसूरत थी। यहां महिलाओं को 'चुराते' हैं मर्द, कुंवारी लड़कियों को है संबंध बनाने की खुली आजादी
पहली कहानी-
एक बार राजकुमारी किले से अपनी सखियों के साथ बाजार के लिए निकली थीं। राजकुमारी रत्नावती एक इत्र की दुकान पर पहुंची और वो इत्रों को हाथों में लेकर उसकी खुशबू ले रही थी। वहां पर मौजूद एक जादूगर की नजर राजकुमारी पर पड़ी। वो फिदा हो गया। जिस दूकान से राजकुमारी के लिए इत्र जाता था, वह उस दूकान में गया और उस बोतल पर जादू कर दिया जो राजकुमारी के लिए भेजी जाने वाली थी। राजकुमारी को बोतल मिली तो सही लेकिन एक पत्थर पर गिरकर टूट गई।
जादूगर ने ऐसा जादू किया था कि इत्र लगाने वाला उसे (जादूगर को) प्यार करने लगे। अब इत्र पत्थर को लगा था तो पत्थर ही जादूगर से प्यार में उसकी ओर चल पड़ा। पत्थर ने जादूगर को कुचल दिया लेकिन मरने से पहले उसने भानगढ़ की बर्बादी का श्राप दे दिया। कुछ वक्त के बाद एक युद्ध हुआ जिसमें भानगढ़ तबाह हो गया और यहां रहने वाले सभी लोग मारे गए। किवदंतियों पर भरोसा करें तो महल श्रापित है और आत्माओं का यहां वास है लेकिन जो नहीं मानते वो इसे वहम कहते हैं।
दूसरी कहानी-
किले के भूताह बनने के पीछे दूसरी कहानी ये भी है कि यहां एक साधु रहते थे जब यहां के राजा ने किले का निर्माण करवाना शुरू किया तो साधु ने राजा से विनती की महल की ऊंचाई कम रखी जाए ताकि परछाई उनकी कुटिया पर ना पड़े। लेकिन राजा ने इस बात का ध्यान नहीं रखा और अपनी मर्जी से महल को बनाया। साधु ने गुस्से में श्राप दिया जिससे भानगढ़ तबाह हो गया।
तीसरी कहानी-
इस किले के तबाह होने के पीछे तीसरी कहानी ये भी है कि 1720 में भानगढ़ इसलिए उजड़ने लगा था क्योंकि यहां पानी की कमी थी। 1783 में एक अकाल पड़ा जिसने यहां रिहाइश को खत्म कर दिया और भानगढ़ पूरी तरह से उजड़ गया। भानगढ़ का किला दुनिया के 10 सबसे डरावने स्थानों की सूची में शामिल है। आए दिन यहां से जुड़ी अनेक कहानी किस्से सामने आते रहते हैं।












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