इंसानों के हार्ट सेल से वैज्ञानिकों ने बनाई आर्टिफिशियल मछली, VIDEO आया सामने
नई दिल्ली, 13 फरवरी: 21वीं सदी में इंसान तेजी से विकास कर रहा है। अब वैज्ञानिकों ने एक नया कारनामा किया है, जहां एक आर्टिफिशियल मछली तैयार की गई। ये कोई रोबोट नहीं है, बल्कि इंसानों की हार्ट की सेल से बनाई गई है। इस मछली में सारे गुण जलीय जीव वाले हैं, जिसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। (वीडियो-नीचे)

08 दिनों तक तैरने में सक्षम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वैज्ञानिकों ने लैब में इंसानी दिल के सेल को बनाया था। उसी की मदद से अब एक आर्टिफिशियल मछली तैयार की गई है, जो अपने आप आगे बढ़ सकती है। वैज्ञानिकों ने बताया कि ये आर्टिफिशियल मछली धड़कते हुए दिल की नकल करके 108 दिनों तक लगातार तैरने में सक्षम थी। Science.org पर इसका विस्तृत लेख भी प्रकाशित हुआ है।

चूहे की हार्ट सेल से जेलीफिश बनेगी
इस अध्ययन को हार्वर्ड जॉन ए पॉलसन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड एप्लाइड साइंसेज (एसईएएस) में डिजीज बायोफिजिक्स ग्रुप द्वारा किया गया था। जिसका मकसद लैब्स में कृत्रिम (आर्टिफिशियल) जानवर बनाना था। आर्टिफिशियल मछली के अलावा वैज्ञानिक चूहे की हार्ट सेल से सिंथेटिक स्टिंगरे और जेलीफिश बनाने में सक्षम थे।

बच्चों के आर्टिफिशियल दिल पर काम
मामले में प्रोफेसर किट पार्कर ने कहा कि उनकी टीम एक आर्टिफिशियल हार्ट बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसे बच्चे में काम ना करने वाले हार्ट की जगह लगाया जा सके। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। वहीं इस रोबोटिक मछली को बनाने से पहले वैज्ञानिकों ने जेब्राफिश का अध्ययन किया। इसके बाद आर्टिफिशियल मछली के दोनों किनारों पर कार्डियोमायोसाइट्स लगाकर उसे गति दी गई।

ऐसे दी मूवमेंट
वहीं दूसरी ओर आर्टिफिशियल मछली तैर सके। इसके लिए विद्युत स्वायत्त पेसिंग नोड (Electrically Autonomous Pacing Node) लगाया, जो एक पेसमेकर के समान है। इसकी मदद से अब आर्टिफिशियल मछली में मूवमेंट हो रही है।












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