VIDEO: कोबरा-अजगर के इलाके में मां ने छोड़ी बच्ची, 48 घंटे पड़ी रही, जानवरों ने नहीं पहुंचाया नुकसान
नई दिल्ली, 22 दिसंबर: 'जाको राखे साईंया मार सके ना कोय' यानी अगर आपके साथ भगवान हैं, तो आपका कोई कुछ भी नहीं कर सकता। अब थाईलैंड में इसका बड़ा उदाहरण देखने को मिला है, जहां एक नवजात बच्ची दो दिन जंगल में पड़ी रही। उसके आसपास जंगली जीव, कीड़े, सांप मंडराते रहे, लेकिन किसी ने उसको कुछ भी नहीं किया। हालांकि बाद में कुछ स्थानीय लोग वहां पहुंचे और उसे रेस्क्यू किया। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है। (वीडियो नीचे)

झाड़ियों के बीच थी बच्ची
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक ये घटना थाइलैंड के क्राबी प्रांत की है। रविवार को वहां पर कुछ स्थानीय आदिवासी जंगल में रबर इकट्ठा करने गए थे। तभी उन्होंने झाड़ियों में एक बच्चे की रोने की आवाज सुनी। शुरू में उन्हें लगा कि ये वहम है, लेकिन जब पास जाकर देखा तो वो नवजात बच्ची थी। तुरंत उन्होंने उसे वहां से निकाला और कपड़े में लपेटकर स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी।

ऊपर चल रहे थे कीड़े
स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्ची के ऊपर कोई कपड़ा नहीं था। वो केले के पत्ते पर लेटी थी। जब वो वहां पहुंचे तो उसके ऊपर खरोंच के निशान थे, साथ ही त्वचा पर कुछ कीड़े भी थे। गांव वालों ने जैसे ही उसे उठाया वो रोने लगी। शुरू में उन्होंने सोचा कि वो उसे अपने गांव तक लेकर जाएं, लेकिन रास्ता एक घंटे का था और वो जोखिम नहीं लेना चाहते थे। इस वजह से उन्होंने प्रशासन को सूचना दी और मेडिकल टीम पहुंचने तक वहां पर खड़े रहे।

इलाके में हैं खतरनाक सांप
वहीं स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि बच्ची की हालत अब स्थिर है। उसके डिहाइड्रेशन का इलाज किया जा रहा। वैसे तो अभी वो डॉक्टरों की निगरानी में है, लेकिन उसे आगे कोई स्वास्थ्य समस्या होने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि ये वास्तव में अविश्वसनीय है। जिस इलाके में बच्ची मिली वो कोबरा और अजगर जैसे खतरनाक जानवरों से भरा इलाका है। इसके बावजूद किसी जानवर ने उसे नुकसान नहीं पहुंचाया। हैरानी की बात ये भी है कि इलाके में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार रहता है। ऐसे में इतनी गर्मी में भी वो जिंदा रही।

मां की हो रही तलाश
मामले में पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि वो लड़की की मां की तलाश कर रहे हैं, लेकिन जंगल में सीसीटीवी के बिना ये थोड़ा मुश्किल है। प्रारंभिक जांच में लग रहा है कि बच्ची का जन्म कहीं और हुआ था और बाद में उसकी मां या पिता ने उसे वहां छोड़ा। साथ ही उसकी हालत देखकर लग रहा कि वो 48 घंटे से जंगल में ही पड़ी थी। जिस वजह से उसके ऊपर कीड़े रेंगते नजर आए। फिलहाल अस्पतालों के रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि बच्ची का जन्म वहां नहीं हुआ है।

बच्ची को मारने के मकसद से रखा
प्रशासन के मुताबिक अभी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा। इसके बाद उसे अनाथ आश्रम में डाला जाएगा। अगर उसकी मां या पिता का पता चलता है तो उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्ची को यहां रखने वालों को पता था कि ये इलाका खतरनाक जानवरों से भरा है। ऐसे में उन्होंने ये समझकर रखा कि वो मार जाएगी, लेकिन उसे कुछ नहीं हुआ।












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