मोबाइल की लत: नींद में हाथ को मोबाइल समझकर उंगलियां चलाता दिखा बच्चा, देखें आंखें खोल देने वाला VIDEO
आजकल रोते बच्चे को चुप कराना हो, या मां बाप को बच्चे को बिजी रखना है तो उसके हाथ में मोबाइल थमा देते हैं। कुछ समय बाद बच्चा मां-बाप काम में व्यवधान डाले बिना घंटों मोबाइल के स्क्रीन के सामने जुटा रहता है। छोटी सी नन्ही उंगलियां मोबाइल एस्पर्ट के जैसे ऑपरेट करने लगती है।

फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और रील्स सब उन्हें बड़ों से ज्यादा पता होती है। बच्चों की ये मोबाइल की लत का उनके मानसिक विकास को प्रभावित कर रही हैं।
आंखे खोल देने वाला वीडियो हुआ वायरल
बच्चों में मोबाइल की लत का क्या बुरा असर हो रहा है, सोशल मीडिया पर वायरल इस बात का जीता जागता सबूत है। जिसको देखकर आपके भी होश उड़ जाएंगे। ये वीडियो उन मां की आंखें खोलने के लिए एक चेतावनी हैं जो अपने बच्चे को मोबाइल थमा कर निश्चिंत हैं।
नशे के लती की तरह तड़पता नजर आया दो साल का बच्चा
बच्चों को डिजीटल लत इतनी लग चुकी है कि अगर उनसे मोबाइल छीन लिया जाए तो वो चिड़चिड़ाने या रोने लगते हैं। मोबाइल के लिए वो बिलकुल एक नशे के लती की तरह तड़पड़ते हैं। इस वायरल वीडियो में ऐसा ही कुछ नजर आ रहा है।
सोते हुए खाली हाथ पर चला रहा था मोबाइल
इस वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि एक बच्चा जो सो रहा है लेकिन नींद में वो छडपटाते हुए अपने हाथ से मोबाइल स्क्रीन को ऑपरेट कर रहा है जबकि उसके हाथ में मोबाइल भी नही है।
सोते हुए रील्स स्क्राल्स कर रहा है
वीडियो में नजर आ रहा है कि बच्चा गहरी नींद में सोते हुए अपने हाथ पर रील्स स्क्राल्स कर रहा है। सोते हुए बीच बीच में रो भी रहा है। जब ये बच्चा सोते समय नींद में मोाबइल चला रहा था तब उसकी मां ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।
वीडियो को देख दुखी हुए लोग
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखकर लोग ये ही कह रहे हैं कि ये आज की असलियत है। बच्चों को बहलाने के लिए मोबाइल देकर उन्हें इसका लती बना रहे हैं। इस वीडियो ने लोगों को अपसेट कर दिया है।
बच्चे वर्चुअल ऑटिज्म का हो रहे हैं शिकार
बता दें नेशनल सेंटर फॅार बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (एनसीबीआई) रिजर्च के अनुसार 9,461 में से 875 यानि 2.97 प्रतिशत बच्चों में वर्चुअल ऑटिज्म के लक्षण नजर आ रहे हैं। इस रिसर्च में ये भी खुलासा हुआ है कि जो बच्चे दिन भर में दो से तीन घंटे मोबाइल स्क्रीन या टैब को समय देते हैं तो उन्हें फोन देखने का एडिक्शन हो जाता है। दिमाग के डेवलेपमेंट के समय लगातार फोन देखने के कारण फोन के अलावा दूसरी चीजों की समझ उनमें कम हो जाती है। जिस कारण से बच्चे असामान्य बिहेवियर, भाषा का विकास, संज्ञात्मक कमी ये बच्चों में आम समस्या हो चुकी है।












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