यहां है कुत्तों का रेस्त्रां, सूंघकर ठाठ से ऑर्डर देते हैं डॉगी

'पेस्टोरेस' रेस्तरां लोगों के पालतू कुत्तों की पसंद का खाना दस्तरखान पर सजा कर पेश करता है। चेक भाषा में 'पेस' का मतलब है कुत्ता और 'रेस्टोरेस' का अर्थ है रेस्तरां। दुनिया भर में पालतू कुत्तों के लिए खुल रहे रेस्तरांओं की फेहरिस्त में यह सबसे नया है। अमेरिका के 'डॉगी हैपी आवर' और जर्मनी में कुत्ते और बिल्लियों के लिए खुले 'ब्रिक एंड मोर्टार' रेस्तरां के अलावा भारत में भी कुत्तों के खाने की डेलिवरी करने वाली एक डीलक्स सर्विस शुरू हो चुकी है।
सूंघाकर लिए जाते हैं डॉगियों के ऑर्डर-
आमतौर पर 'पेस्टोरेस' में नजारा कुछ ऐसा होता है कि वेटर वह खास मेनू लेकर आता है जिसपर रेस्तरां में मिलने वाले सभी तरह के व्यंजनों का सैंपल लगा होता है। खाने के लिए आए मेहमान यानि कुत्ते सूंघ कर ही अपना ऑर्डर देते हैं।वेटर को समझना होता है कि अगर कोई कुत्ता खरगोश के मीट वाले सैंपल को सूंघ कर चाटने लगता है या फिर तेजी से पूंछ हिलाता है तो इसका मतलब यह है कि उसे वही खाने का मन है।
इसके बाद मनपसंद खाने को लाकर एक कम ऊंचाई वाली मेज पर पानी के एक कटोरे के साथ परोसा जाता है। अंदर काली मेजों, हरे रंग के कंबल और मुलायम कुशन वाली बैठने की जगह बनी है। मुख्य मेहमानों के साथ आने वाले लोगों के बैठने के लिए भी कुछ सीटें लगाई गई हैं। गौरतलब है कि यहां ग्राहकों से ज्यादा विजिटर्स का जमावड़ा रहता है।












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