बिना इलेक्शन कैंपेन के ही फेमस हो गया ये कैंडिडेट, पूरे गुजरात में चर्चे, 2.5 फीट लंबी है मूंछ
गुजरात विधानसभा चुनाव में हारकर भी अगर किसी कैंडिडेट की सबसे अधिक चर्चा होती है वो हैं मगन भाई सोलंकी। जिनकी 2.5 लंबी मूंछों के लिए सेना भत्ता देती थी।

Gujarat Election 2022: चुनाव चाहे कोई भी हो कैंडिडेट्स पार्टी के अलावा अपनी पहचान का भी प्रभाव डालते हैं। अगर उम्मीदवार में कोई असाधारण चीज को तो वो बिना ज्यादा मेहनत किए ही फेमस हो जाते हैं। लाखों करोड़ों खर्च कर बड़े- बड़े चुनाव कैंपेन करने की जरूरत ही नहीं। गुजरात में मगन भाई सोलंकी एक ऐसे ही प्रत्याशी हैं। जिनके चर्चे खूब हैं। वो निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन वोट के मामले में वो सबसे पीछे हैं। उन्हें हिम्मत नगर विधानसभा सीट में सिर्फ 0.28% वोट ही मिले हैं।
ढाई फीट लंबी मूछ
मगन भाई सोलंकी गुजरात के एक मात्र ऐसे कैंडिडेट थे जिनकी मूछ सबसे लंबी थी। उनकी मूछ की लंबाई इस वक्त ढाई फीट है। वो अपनी लंबी मूछों की वजह से काफी फेमस है। मूंछों के अलावा उन्हें राजनीति का भी शौक है। वो इस बार गुजरात में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप मे विधानसभा चुनाव में पर्चा भर दिया था।
0.28% मिले वोट
हालांकि गुजरात में मगन भाई काफी फेमस हैं। लेकिन उनकी लोकप्रियता उस वक्त कम दिखी जब जनता को वोट देने की बारी आई। मगनभाई की जगह पर इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को अधिक वोट मिले। जीत हुई भाजपा प्रत्याशी विनेंद्र सिंह की। मगनभाई सोलंकी को कुल 579 वोट मिले जो कि विधानसभा में कुल मतों एक प्रतिशत से भी कम था। मगन भाई को 0.28 प्रतिशत मत मिले।
हिम्मतनगर सीट से लड़े थे चुनाव
मगनभाई गुजरात विधानसभा की हिम्मतनगर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनावी मैदान में थे। यहां से कुल 8 प्रत्याशी थे। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को छोड़ दिया जाए तो बाकी का कोई भी प्रत्याशी 1000 हजार वोट का आंकड़ा भी नहीं छू पाया। दोनों राष्ट्रीय दलों के अलावा सबसे अधिक वोट यहां नोटा पड़े। इस सीट पर 2436 वोट नोटा के खाते में आए। विजयी भाजपा के उम्मीदवार विनेंद्र सिंह को 98792 वोट मिले। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश कुमार को 89932 मत प्राप्त हुए।
2017 में भी लड़ा था चुनाव
मगनभाई सोलंकी कहते हैं कि उन्हें चुनाव लड़ना में पसंद है। ये दूसरा मौका था जब वो गुजरात विधानसभा चुनाव के मैदान में थे। इससे पहले वो 2017 में भी चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि उन्हें जीत हासिल नहीं हो पाई थी। इस बार उन्होंने फिर से किस्मत आजमाई लेकिन जीत के लिए उन्हें पर्याप्त मत नहीं मिल पाया।
सेना मूंछ के लिए देती थी भत्ता
मगनभाई सोलंकी की उम्र 57 साल है। वो अपनी ढाई फुट लंबी मूंछों का विशेष देखभाल करते हैं। मगभाई पूर्व फौजी हैं। वो 2012 में सेना से रिटायर हैं। वे मूंछें बढ़ाने के लिए अपने पिता से प्रेरित हुए। 19 साल की उम्र में सेना में शामिल होने तक उनकी मूंछे काफी लंबी हो चुकी थीं। मूंछों के रखरखाव के लिए सेना से उन्हें विशेष भत्ता मिलता था। उन्होंने कहा, "मैं अपनी रेजिमेंट में मूंछवाला के रूप में जाना जाता था। मेरी मूंछें मेरी शान है"।












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