नदी किनारे बैठी 13 साल की लड़की पर समुद्री 'राक्षस' ने किया हमला, नोंच कर खा गया अंगूठा
नई दिल्ली, 26 नवंबर: नदी या झील के किनारे अक्सर लोग पानी में पैर डालकर बैठना पसंद करते हैं। लेकिन एक लड़की को ऐसा करना महंगा पड़ गया। पानी में पैर लटकाकर बैठी लड़की पर खतरनाक पिरान्हा मछली ने अटैक कर दिया। इस अटैक में मछली ने लड़की का पैर का अंगूठा चबा डाला। घटना अर्जेंटीना के सैंटा फी बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबित पिरान्हा के इस अटैक में 2 दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।

पैर लटका कर बैठी लड़की का खा गया अंगूठा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अर्जेंटीना के सांता फी में पराना नदी में यह भयावह घटना हुई है। पराना नदी के किनारे एक तेरह साल की बच्ची अपने परिवार के साथ बैठी थी। उसने नदी में पैर डाले हुए थे और धूप का आनंद ले रही थी कि तभी एक बड़ी पिरान्हा मछली बच्ची के पैरों पर हमला कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची ने जब पैर बाहर निकाले तो उसका अंगूठा गायब था। इस खतरनाक मछली ने बच्ची के अंगूठे को नोच लिया और उसे काट कर पैर से अलग कर दिया, बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

हमले में 30 लोग घायल
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक चौंकाने वाली बात ये है कि जिस दिन पिरान्हा मछली ने बच्ची पर हमला किया था उसी दिन वहां पर 30 और लोगों पिरान्हा के शिकार हुए थे। जिसमें एक शख्स गंभीर रूप से घायल हुआ था। इस इलाके के कई लोगों के ऊपर इस मछली का हमला हो चुका है। यह मछली अक्सर हमला करती रहती है। लेकिन इस समय मछली के हमले को अप्रत्याशित बताया जा रहा है। ए

इस वजह से हुआ हमला
एक्सपर्ट्स का मानना है कि, हमला साल के इस समय अप्रत्याशित था। इस हमले की वजह उच्च तापमान और निम्न जल स्तर को माना जा रहा है। लाइफगार्ड्स के यूनियन रीप्रेजेंटेटिव सर्जियो बेरार्डी ने कहा कि इस इलाके में पिरान्हा मछली अक्सर हमला करती रहती हैं। हम लाइफगार्ड्स, विशेष रूप से बच्चों वाले परिवारों की चेतावनियों पर ध्यान देने पर अधिक जोर नहीं दे सकते हैं। जिसके चलते पिरान्हा की वजह से ये नुकसान हुआ है।

लाइफ गार्ड्स ने दी ये चेतावनी
लाइफगार्ड्स का कहना है कि, जो लोग नदी में नहाने जाते हैं अगर वो तुरंत ही एक डुबकी लगाकर निकल आएं तो उनकी जान को खतरा नहीं होता है लेकिन अगर वो काफी देर तक पानी में रह जाते हैं तब मछली हमला कर देती है। गार्ड्स का कहना है कि, ये मछलियां झुंड में चलती है, जिसकी वजह से हमले के समय अधिक लोग घायल हो जाते हैं। इससे पहले 2013 में क्रिसमस पर नदी में सामूहिक पिरान्हा हमले में 60 लोग घायल हुए थे।












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