OMG! महिला के लिवर में विकसित हो रहा था भ्रूण, डॉक्टर बोले- पहले कभी नहीं देखा ऐसा केस
ओटावा, 19 दिसंबर। दुनिया में कई बार ऐसी घटनाएं या चीजें देखने को मिलती हैं, जिसके आगे विज्ञान भी घुटने टेक देता है। एक महिला के गर्भ में बच्चे के रूप में नए जीवन का विकास होना किसी चमत्कार से कम नहीं है। हालांकि आज तक कभी ऐसा मामला सामने नहीं आया है, जिसके बारे में हम आपको अभी बताने जा रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि सामान्य तौर पर महिलाओं के गर्भाशय में विकसित होना वाला भ्रूण, एक महिला के लिवर में मिला है।

लिवर में पल रहा था भ्रूण
जी हां, अपने आप में ही ये एक अजीबो-गरीब और समझ से परे हैं। शायद ही ऐसा केस पहले भी कभी सुनने में आया होगा। कनाडा से सामने आए इस मामले को डॉक्टरों ने एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का 'अति दुर्लभ' केस बताया है। डॉक्टरों के मुताबिक महिला के अंदर उसका बच्चा लिवर में बड़ा हो रहा था। कनाडा में मैनिटोबा के चिल्ड्रन हॉस्पिटल रिसर्च इंस्टीट्यूट के बाल रोग विशेषज्ञ माइकल नार्वे ने दुनिया को इस हैरान करने वाले मामले से रूबरू कराया।

महिला को हुई ये दिक्कत
उन्होंने इसे गर्भधारण का 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस' बताते हुए कहा कि महिला की उम्र 33 साल है और वह अपने पीरियड्स की परेशानी लेकर डॉक्टरों के पास पहुंची थी। महिला के 14 दिनों तक लगातार ब्लीडिंग होती रही, उसका माहवारी काल 49 दिनों का रहा था। इसके बाद डॉक्टरों ने उसका सोनोग्राफी किया तो जो देखा उससे हैरान रह गए। डॉक्टरों को महिला के लिवर में एक भ्रूण नजर आया।

महिला का केस देख डॉक्टर भी हैरान
महिला को बताया गया कि उसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी है जो बहुत रेयर मामला है। महिला की जांच करने वाले डॉक्टर माइकल ने बताया कि उन्होंने पेट में प्रेग्नेंसी के कई मामले देखे हैं, लेकिन लिवर में भ्रूण का होना ये पहली बार देखा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में महिला की जान तो बचाई जा सकती है, लेकिन लिवर में बड़ा हो रहे उसके भ्रूण को नहीं बचाया जा सकता। माइकल ने ये जानकरी टिकटॉक पर एक वीडियो में शेयर किया है।

लाखों लोगों ने देखा वीडियो
सोशल मीडिया पर माइकल के वीडियो को लाखों लोगों द्वारा देखा जा चुका है, कनाडा से सामने आए इस रेयर केस के बारे में जानकर हर कोई हैरान है। इतना ही नहीं वीडियो पर 17 हजार से अधिक लोगों ने कमेंट भी किया है। नेशनल सेंटर फॉर बॉयोटेक्नोलॉजी इन्फॉरर्मेशन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक लिवर में भ्रूण का पलना एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहा जाता है, जो काफी रेयर केस है।

इस वजह से होता है ऐसा
दुनियाभर में अभी तक सिर्फ ऐसे 14 मामले देखने के मिले हैं। यह प्रेग्नेंसी तब होती है जब निषेचित अंडा गलत तरीके से फैलोपियन ट्यूब के नीचे पहुंच जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि फैलोपियन ट्यूब गर्भाशय और अंडाशय को आपस में जोड़ती है, जिससे अंडा गर्भ में पहुंचता है। अगर अंडा उसमें फंस जाता है तो वह विकसित नहीं हो पाता और गर्भावस्था को बचाना मुश्किल हो जाता है।
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