aliens सच में होते हैं, हमें बैक्टीरिया समझ करते हैं रिसर्च- पूर्व रूसी स्पेस चीफ ने किया चौंकाने वाला दावा
aliens एलियन्स के अस्तित्व को नकारा नहीं जा सकता है। लगातार कई ऐसे सबूत सामने आते रहे हैं कि, एलियन धरती पर आते रहते हैं। कई एनालिस्ट और साइंटिस्ट भी एलियन के पृथ्वी पर आने का दावा कर चुके हैं। अब रूस की स्पेस एजेंसी के पूर्व चीफ ने दावा किया है कि, एलियन हकीकत में होते हैं और वह धरती पर रहने वाले लोगों के बैक्टियारिया समझते है। उनके उपर रिसर्च करते हैं।

'वे हम पर "बैक्टीरिया के रूप में" अध्ययन करते हैं'
रूसी रोस्कोस्मोस स्पेस एजेंसी के पूर्व महानिदेशक दिमित्री रोगोज़िन ने इस साल जून में रूस के एक न्यूज चैनल रशिया-24 को दिए इंटरव्यू में कई खुलासे किए। दिमित्री का मानना है कि एलियंस असलियत में हैं और वे हम पर "बैक्टीरिया के रूप में" अध्ययन करते हैं। एलियन उन्नत बुद्धिमान प्राणी हैं। वे काफी समय से पृथ्वी पर जीवन का विश्लेषण कर रहे हैं।

यूएफओ पर कर रहे हैं रिसर्च
रोगोजिन ने यह भी दावा किया है कि वो हमें देख रहे होंगे पर हमें उनकी जरा भी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया के दूसरे ग्रहों पर जीवन की उत्पत्ति के लिए कई कारण मौजूद हो सकते हैं जैसे धरती पर रहे होंगे। उन्होंने कहा कि, रूसी वैज्ञानिक वर्तमान में यूएफओ एनकाउंटर का अध्ययन कर रहे हैं। कई बात यूएफओ को लेकर जानकारियां सामने आई हैं। नासा ने भी तरह के दावे किए। हम उन सभी डेटा का अध्ययन कर रहे हैं।

ब्रह्मांड के दूसरे हिस्सों में भी हो सकता है जीवन
रूसी साइंटिस्ट रोगोजिन ने कहा कि, ब्रह्मांड में कहीं भी जीवन के उद्भव में हजारों कारक योगदान दे सकते है। अंतरिक्ष को समझने की मानव की क्षमता अभी भी सीमित है। हम 'बिग बैंग' थ्योरी को जानते हैं पर ये भी मुमकिन है कि बिग बैंग ब्रह्मांड के सिर्फ एक हिस्से में हुआ हो जबकि दूसरा हिस्सा किसी अन्य तरीके से विकसित हो रहा हो।

एलियन हमें बैक्टीरिया समझकर शोध कर रहा हो
दिमित्री ने कहा कि, हम किसी बाहरी अवलोकन का हिस्सा हैं। हम जिस बारे में बात कर रहे हैं वह आमतौर पर पहले टेस्ट फाइट के दौरान हुआ था। हम बैक्टीरिया का अध्ययन कर सकते हैं, लेकिन ये भी मुमकिन है कि कोई हमें बैक्टीरिया समझकर शोध कर रहा हो। बता दें कि नासा ने हाल ही में एलियन का अध्ययन करने के लिए 16 लोगों की टीम बनाई है।

नासा ने एलियन के लिए बनाई टीम
नासा सोमवार से नया रिसर्च प्रोजेक्ट लांच कर दिया। जिसके तहत सैकड़ों यूएफओ डाटा पर शोध किया जाएगा। इसके लिए एक साल तक अंतरिक्ष में रहने वाले स्कॉट केली और 15 अन्य विशेषज्ञों की भर्ती की जा रही है। यह शोध अगले 9 महीने तक चलेगा और इसके बाद फाइनल रिपोर्ट दी जाएगी। 2023 में इस रिपोर्ट को जनता के सामने रखा जाएगा।












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