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Chhattisgarh: हसदेव अरण्य के 45 हेक्टेयर में काटे गए 8 हजार पेड़, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

अम्बिकापुर, 28 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में हसदेव अरण्य के दो कोल ब्लाक की अनुमति रद्द होने के बाद अब परसा केते बासेन ब्लाक खदान के विस्तार के लिए मंगलवार को पेंड़ों की कटाई शुरू हो गई। केते बासेन कोल ब्लॉक खनन क्षेत्र के फेज 2 में 14 सौ हेक्टेयर में इस खदान का विस्तार किया जाना है। जिसके लिए मंगलवार की सुबह पेड़ों की कटाई शुरू की गई। लगातार ग्रामीणों और हसदेव अरण्य बचाओ समिति के द्वारा विरोध के बाद कोल ब्लाक विस्तार का कार्य रुक गया था।

hasdev

निजी कंपनी ने 16 घण्टे में काट डाले 8 हजार पेड़
हसदेव के जंगल में केते बासन फेस 2 में विस्तार के लिए कोयला खनन क्षेत्र में आने वाले पेड़ों की कटाई शुरू की। मंगलवार सुबह 6 बजे को पेड़ों की कटाई शुरू की गई। जो देर शाम तक चलती रही। यहां निजी कम्पनी के 600 लोगों की 20 टीम ने 150 आरा मशीनों से पूरे दिन पेड़ों की कटाई की और 43 हेक्टेयर में लगे 8 हजार पेड़ यहां काट दिए गए।

विरोध रोकने पुलिस ने ग्रामीणों को घरों में किया नजरबंद
हसदेव के पेड़ों की कटाई शुरू होने से पहले की पुलिस ने भारी पुलिस बल के साथ तैयारी कर ली थी। पेड़ों की कटाई के लिए विरोध न हो इसके लिए घाटबर्रा, मदनपुर सहित आसपास के 6 गावों में गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक पुलिस बल तैनात किया, ताकि गांव के लोग विरोध के लिए जंगल तक न पहुंच सकें। पुलिस बल, राजस्व व वन विभाग के अफसर दिनभर गांवो में डटे रहे। ताकि किसी तरह विवाद न हो। वहीं कटाई शुरू होने से पहले ही विरोध प्रदर्शन में शामिल तीस लोगों को उनके घरों से हिरासत में ले लिया था। सभी को सरगुजा, सूरजपुर व कोरबा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों में दिनभर रखा गया।

hasdev tree cuting

सभी आंदोलन कारियों के मोबाइल किये गए बन्द
पुलिस ने सुबह से ही आंदोलनकारियों को घर से उठाना शुरू किया। ग्राम साल्ही व घाटबर्रा के लोगों को दरिमा के किसान भवन में रखा गया था। यहां सभी के मोबाइल बंद रहे। वहीं हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक ग्राम पतुरियाडांड के सरपंच उमेश्वर अर्मों और ग्राम पुटा के जगरनाथ बड़ा को मोरगा पुलिस सुबह 4 बजे उठाकर ले गई। इसके अलावा साल्ही, घाटबरी व मदनपुर के ग्रामीणों व सरपंचों को अलग-अलग जगह पूरे दिन पर नजरबंद रखा। जिससे माहौल खराब न हो सके। इतना ही नहीं कटाई क्षेत्र में पूरे दिन ग्रामीणों की आवाजाही बंद करा दी गई थी। पेड़ों की कटाई के लिए एक दिन पहले ही पूरी तैयारी की गई थी और पुलिस जवानों व अफसरों सहित करीब एक हजार लोग पेड़ कटवाने डटे रहे।

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