पेड़ को काटकर इस युवक ने बनाया सपनों का घर, दिल जीत लेंगी अंदर की तस्वीरें

बीकानेर। राजस्थान में कीकर के पेड़ का नाम सुनते ही एक ही बात दिमाग में आती है 'कांटे'। खरपतवार में विदेशी बबलू के नाम से जाना जाने वाले इस पेड़ की सूखी टहनियां केवल जलाने के काम आती हैं। इसके अलावा इस पेड़ का कोई उपयोग नहीं होता है।

गांव पांचू में है यह ग्रीन ट्री हाउस

गांव पांचू में है यह ग्रीन ट्री हाउस

ऐसे में राजस्थान के बीकानेर के पांचू गांव के रहने वाले एक युवक ने अनूठा प्रयास किया है। पांचू गांव की रोही में रहने वाले फूसाराम नायक ने 15 फ़ीट ऊपर कीकर के पेड़ एक ग्रीन ट्री हाउस बनाया है, जिसमें आम मकान की तरह खिड़की, दरवाजे सहित तमाम प्रकार की चीजे हैं। इस अनोखे ग्रीन ट्री हाउस को देखकर हर कोई व्यक्ति फूसाराम की प्रशंसा कर रहा है।

 तीन साल की मेहनत के बाद सपना साकार

तीन साल की मेहनत के बाद सपना साकार

दरअसल, पांचू गांव की दक्षिण दिशा की रोही में खेमाराम नायक की ढाणी में एक कीकर का पेड़ बड़ा हो गया। खेमाराम के बेटे फूसाराम ने पांच साल पहले सोचा कि इस पर एक झोपड़ी बनाई जानी चाहिए। विदेशों में ट्री हाउस के फोटो देखकर उसके मन में ऐसे विचार आए। तीन साल पहले उसने इस कार्य को शुरू किया। प्रतिदिन सुबह दो घंटे कीकर के पेड़ों की छंटाई करता। उन्हें झोपड़ीनुमा आकार देने के लिए यह क्रम लगातार चलाया।

 किसी हवामहल से कम नहीं फूसाराम की यह झोपड़ी

किसी हवामहल से कम नहीं फूसाराम की यह झोपड़ी

अब 3 साल बाद जाकर फूसाराम का सपना साकार हुआ। करीब 15 फीट ऊंची ग्रीन हट बनकर तैयार हो गई, जिसके अंदर उसने गोबर से लिपाई भी कर रखी है। इस ग्रीन ट्री हाउस में एक बार में छह लोग उसके अंदर बैठ सकते हैं। झोपड़ी में हवा के लिए खिड़कियां व दरवाजे भी रखे हैं। हवा में यह उड़ ना जाए इसके लिए चारों तरफ से इसे लोहे के तारों से बांधा गया है। यह झोपड़ी अब पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बन गई है।

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