Bijnor: 10 साल के बेटे को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गई मां, मौत के मुंह से यूं खींच लाई जिंदा
Bijnor News: बिजनौर जिले में गन्ने के खेत में काम कर रही एक महिला अपने 10 साल के बच्चे को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गई। बेटे को बचाने के मां अकेले तेंदुए से तब तक लड़ती रही, जब तक अपने बेटे को बचा नहीं लिया।

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक 34 वर्षीय महिला ने बड़े ही साहस का प्रदर्शन किया और 10 साल के बेटे को तेंदुए के जबड़े खींच लाई। बता दें कि अपने बेटे को बचाने के तेंदुए से एक मां अकेले भिड़ गई और तब तक लड़ती रही, जब तक अपने बेटे को बचा नहीं लिया। करीब 7 मिनट तक मां दरांती लेकर तेंदुए से लड़ती रहीं। इस दौरान मां को भी चोटें आई। हालांकि, महिला अपने बेटे को रिक्शे से अस्पताल लेकर पहुंची और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां से डॉक्टरों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया है। यह मामला बिजनौर जिले के थाना नगीना क्षेत्र के ग्राम जीतपुर का है। TOI की खबर के मुताबिक, यह घटना सोमवार सुबह की है। जीतपुर गांव निवासी ओमप्रकाश की पत्नी संतरेश देवी गन्ने के खेत में काम कर रही थी। इस दौरान उसका बेटा टिकेंद्र भी साथ था, जो कुछ दूरी पर खेल रहा था। तभी अचानक तेंदुआ आ गया और उसके बेटे टिकेंद्र पर हमला कर दिया। इस दौरान तेंदुआ 10 साल के टिकेंद्र को खींच कर गन्ने के खेत में ले गया।
इस दौरान खेत में काम करने वाले आने लोग भाग खड़े हुए और कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। तो महिला गन्ना छीलने वाले दरांती लेकर गन्ने के खेत में घुस गईं और तेंदुए को डराने के लिए अपनी दरांती का इस्तेमाल किया। बता दें, महिला ने इस दौरान डर को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और अपने बेटे को बचाने के लिए उसने दरांती से तेंदुए पर एक के बाद एक कई वार किए। तेंदुए ने महिला पर हमला किया। लेकिन महिला ने हार नहीं मानी और दरांती से तेंदुए की गर्दन और पेट पर वार कर दिए।
महिला के हमले से घायल हुआ तेंदुआ उसके बेटे को छोड़ अपनी जान बचाकर वहां से भाग गया। बेटे की गर्दन से ज्यादा खून निकलने के कारण वह बेहोश हो गया था। पेट, हाथ, पैर पर भी चोट के निशान हैं। महिला बेटे को रिक्शे से नगीना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। जहां से डॉक्टरों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। वहीं, स्थानीय लोग ने इस बात की सूचना वन अधिकारियों दी है। वहीं, नगीना स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. नवीन चौहान ने कहा, 'लड़के के सिर, गर्दन और पेट में चोटें आईं।'
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उन्होंने बताया कि उसकी हालत गंभीर थी, इसलिए उसे बिजनौर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां से उसे एम्स ले जाया गया। वहीं, बिजनौर के डीएफओ एके सिंह का कहना है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। महिला के बयान के मुताबिक अगर तेंदुए को भी चोट आई है, तो वह बहुत दूर तक नहीं गया होगा। गांव के लोगों को अलर्ट कर दिया है। घर के अंदर रहने की हिदायत दी गई है।












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