Bihar में IPS अधिकारी क्यों दे रहे इस्तीफ़ा, अमिताभ दास ने खोला DK Tax का राज़, कहा- अभी कतार में और भी हैं
IPS Officer Resignation In Bihar: बिहार में IPS अधिकारियों के इस्तीफा का दौर जारी है, वहीं DK Tax को लेकर भी सियासत जारी है। प्रदेश में जारी सियासत के बीच पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास ने वन इंडिया हिंदी से ख़ास बातचीत में इस्तीफ़ा से लेकर 'डीके टैक्स' पर हैरतअंगेज़ खुलासा किया।
अमिताभ दास ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिहार के सिंघम के नाम से मशहूर शिवदीप लांडे के इस्तीफ़ा को आधिकारिक रूप से मंजूर कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा उनके इस्तीफे की औपचारिक घोषणा के बाद यह पुष्टि हुई है।

अपने असाधारण पुलिसिंग प्रयासों के लिए जाने जाने वाले शिवदीप लांडे ने हाल ही में पूर्णिया में पुलिस महानिरीक्षक की भूमिका से पटना में आईजी ट्रेनिंग की भूमिका में बदलाव का अनुभव किया था। 19 सितंबर को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने इस्तीफे की घोषणा की थी।
शिवदीप लांडे का इस्तीफा के बाद पूरे बिहार में व्यापक चर्चा ने जन्म लिया, कई लोगों ने उनके राजनीति में आने की संभावना के बारे में अटकलें लगाईं। हालांकि, लांडे ने अपने इरादे स्पष्ट करके उन अफवाहों पर विराम लगा दिया है।
शिवदीप लांडे ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए बिहार में अपना काम जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। इस घोषणा ने उन अफवाहों को शांत कर दिया कि वह पुलिस की वर्दी से परे सार्वजनिक सेवा के प्रति अपने समर्पण को प्रदर्शित करते हुए राजनीतिक करियर की ओर रुख कर सकते हैं।
इसी बीच, बिहार की 'लेडी सिंघम' के नाम से मशहूर आईपीएस काम्या मिश्रा ने पद से रिज़ाइन कर दिया। दरभंगा में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत मिश्रा ने 6 अगस्त 2024 को व्यक्तिगत कारणों से अपना इस्तीफा दे दिया। काम्या मिश्रा के इस्तीफा देने के प्रयास के बावजूद, अधिकारियों ने उनके जाने को मंजूरी नहीं दी।
इसके बजाय, उन्हें नवंबर में 180 दिनों की छुट्टी दे दी गई, ख़बर यह भी आई थी कि काम्या को अब बिहार पुलिस मुख्यालय में फिर से नियुक्त किया गया है। यहाँ, वह अपनी अगली पोस्टिंग के इंतेज़ार में हैं, हालांकि अमिताभ दास ने कहा काम्या मिश्रा उड़ीसा के मयूरभंज की रहने वाली हैं, वह अभी वहीं छुट्टी बिता रही हैं। अब उनकी छुट्टी से लौटने की संभावना नहीं के बराबार है।
पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने कहा कि बिहार में अभी आधे दर्जन से ज़्यादा ईमानदार IPS अधिकारी इस्तीफ़ा पॉकेट में लेकर घूम रहे हैं। कुछ दिनों में इस्तीफों की झड़ी लगने वाली है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह कि सीएम नीतीश कुमार माफिया गिरोह में शामिल हो गए हैं। ईमानदार अधिकारियों को सही से काम करने नहीं दिया जा रहा है।
डीके टैक्स से भी अधिकारी लोग परेशान हो चुके हैं, उन्होंने कहा कि जिस डीके टैक्स का तेजस्वी ने ज़िक्र किया था। डीके टैक्स मतलब दीपक कुमार टैक्स है, यह सीएम नीतीश का सलाहकार (रिटायर्ड चीफ सेक्रेटरी) है। बिहार का मुख्य सचिव था, और अब सीएम का सलाहकार बन गया। ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए वही तहसीलता है।
बिहार में ईमानदार अधिकारियों को अब काम करने में घुटन महसूस होने लगी है। जो अच्छा काम करते हैं तो उन्हें किनारे लगा दिया जाता है। दवाब में काम करने और ग़लत काम को बढ़ावा नहीं देने वाली अधिकारियों को घुटन महसूस होने लगी है। वहीं 'डीके टैक्स' भी से भी अधिकारी परेशान हो रहे हैं। इसलिए प्रदेश के तेज़ तर्रार अधिकारियों के इस्तीफों का दौर जारी है।












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