कौन हैं बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी? कितनी है संपत्ति और क्या करते हैं पति, लालगंज से लड़ रहीं चुनाव
Shivani Shukla (Bihar Election 2025): बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल अब पूरी तरह गर्म हो चुका है। उम्मीदवारों के नामांकन के साथ ही सियासी गलियारों में हलचल तेज है। इसी बीच एक नाम पर सबकी निगाहें टिकी हैं-शिवानी शुक्ला, जो कभी बाहुबली कहे जाने वाले पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला की बेटी हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने उन्हें वैशाली जिले की लालगंज विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है।
17 अक्टूबर को शिवानी शुक्ला ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए और आधिकारिक तौर पर सियासत के मैदान में उतर गईं। लालगंज सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी आदित्य कुमार राजा से है, यानी इस बार टक्कर महागठबंधन के अंदर ही होने जा रही है। ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन हैं शिवानी शुक्ला और कितनी है उनकी संपत्ति।

🔹 who is Shivani Shukla: लंदन से पढ़ाई कर लौटीं शिवानी शुक्ला
सिर्फ 28 साल की उम्र में शिवानी शुक्ला ने शिक्षा के क्षेत्र में लंबा सफर तय किया है। उनका परिवार लालगंज थाना क्षेत्र के खानजाहा चक गांव से है। उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरकेपुरम से की साल 2012 में दसवीं और 2014 में बारहवीं पास की।
इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु की एलायंस यूनिवर्सिटी से बीए-एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। उच्च शिक्षा की तलाश में शिवानी ने विदेश का रुख किया और लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से एलएलएम (LLM) की डिग्री हासिल की। यानी अब लालगंज की राजनीति में एक पढ़ी-लिखी, आधुनिक सोच वाली उम्मीदवार मैदान में हैं।
🔹 कौन हैं शिवानी शुक्ला के पति, कितनी है संपत्ति? (Shivani Shukla Net Worth 2025)
शिवानी शुक्ला की शादी वरुण तिवारी से हुई है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, दोनों के पास सीमित नकदी और संपत्ति है। शिवानी के पास ₹21 लाख से ज्यादा की चल संपत्ति है, लेकिन कोई अचल संपत्ति नहीं है। वहीं उनके पति वरुण तिवारी के पास ₹48,900 नकद राशि है।
शिवानी के एसबीआई खाते में ₹1,73,693, बैंक ऑफ इंडिया में ₹15,000, एचडीएफसी बैंक में ₹27,178 और फिक्स्ड डिपॉजिट में ₹1,91,693 जमा हैं। दिलचस्प बात यह है कि शिवानी पर ₹36 लाख से अधिक का एजुकेशन लोन भी है, जो उन्होंने अपनी विदेशी पढ़ाई के लिए लिया था।
🔹 लालगंज की सियासत और मुन्ना शुक्ला का दबदबा
वैशाली जिले की लालगंज सीट को कभी बाहुबली नेताओं का गढ़ कहा जाता था। शिवानी के पिता मुन्ना शुक्ला का इस क्षेत्र में गहरा प्रभाव रहा है। साल 2000 में उन्होंने हाजीपुर जेल से निर्दलीय चुनाव लड़कर पहली बार जीत हासिल की। 2005 में लोक जनशक्ति पार्टी से और फिर उसी साल दोबारा हुए चुनाव में जेडीयू के टिकट पर जीत दर्ज की। 2010 में उनकी पत्नी अनु शुक्ला जेडीयू से विधायक बनीं।
2024 के लोकसभा चुनाव में मुन्ना शुक्ला RJD के उम्मीदवार थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब उनकी बेटी शिवानी शुक्ला इस सियासी विरासत को आगे बढ़ाने के मिशन पर हैं।
शिवानी शुक्ला लगातार लालगंज के गांव-गांव में जनसंपर्क कर रही हैं। उनका कहना है कि वह राजनीति में "बाहुबल" नहीं, बल्कि शिक्षा और विकास की राजनीति लेकर आई हैं। RJD की उम्मीदवारी ने उन्हें मंच तो दे दिया है, लेकिन अब असली परीक्षा जनता के बीच है।
अगर शिवानी यह चुनाव जीत जाती हैं, तो यह न सिर्फ मुन्ना शुक्ला परिवार की वापसी होगी, बल्कि बिहार की राजनीति में नई पीढ़ी की एंट्री का संकेत भी।
🔹 महागठबंधन में घमासान: RJD बनाम कांग्रेस
RJD द्वारा शिवानी को टिकट दिए जाने के बाद INDIA गठबंधन के भीतर टकराव की स्थिति बन गई है। कांग्रेस ने भी लालगंज से अपना उम्मीदवार उतारकर सीधा मुकाबला RJD से कर दिया है। 16 अक्टूबर को शिवानी शुक्ला के घर पर एक बैठक हुई थी, जहां समर्थकों ने उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़ने की सलाह तक दी थी। हालांकि, उन्होंने RJD के सिंबल पर मैदान में उतरने का फैसला किया। अब यह सीट सिर्फ दो दलों की साख ही नहीं, बल्कि महागठबंधन की एकजुटता की परीक्षा भी बन गई है।












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