कौन हैं BJP नेता सतीश सिंह? राघोपुर में तेजस्वी को दी कड़ी टक्कर! मां राबड़ी को भी पछाड़ चुके हैं
Who Is Satish Singh (Raghopur Election 2025): बिहार की राजनीति में राघोपुर सीट हमेशा सुर्खियों का केंद्र रही है। इसे लालू प्रसाद यादव परिवार का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, जहां से खुद लालू, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव चुनाव जीतते रहे हैं। 2025 के चुनाव में भी राघोपुर से तेजस्वी 14 हजार वोटों से जीत गए हैं लेकिन मतगणना बहुत रोचक रहा।
बीजेपी उम्मीदवार सतीश सिंह ने शुरुआती राउंड्स में ही 9 हजार से ज्यादा वोटों की बढ़त बनाकर पूरे राज्य की सियासत में तूफान ला दिया। यह बढ़त केवल आरजेडी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे महागठबंधन के लिए बड़ा झटका बन गई थी। हालांकि इस सीट पर कभी तेजस्वी आगे हो रहे हैं थे तो कभी सतीश सिंह आगे हो रहे थे। आखिर कौन हैं सतीश सिंह, जिन्होंने लालू परिवार के 'गढ़' में फिर से सेंध लगा दी?

कौन हैं BJP नेता सतीश सिंह? शांत स्वभाव, लेकिन मजबूत पकड़ वाले नेता
सतीश सिंह (जिन्हें कई जगह सतीश कुमार के नाम से भी जाना जाता है) राघोपुर के ही रहने वाले एक जमीनी नेता हैं। उनका पैतृक गांव राघोपुर दियारा क्षेत्र का श्यामचंद रामपुर है। राजनीति में उनकी पहचान एक शांत, सरल और स्थानीय स्तर पर बेहद प्रभावशाली नेता के रूप में है।
उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2010 में उन्होंने इस सीट से राबड़ी देवी को 13,006 वोटों से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। उस समय वे जेडीयू के टिकट पर मैदान में थे। अब 2025 में बीजेपी उम्मीदवार के रूप में उनकी वापसी ने माहौल फिर गर्मा दिया है।
2025 के हलफनामे के अनुसार उनके पास डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है और वे पोस्ट-ग्रेजुएट हैं। स्थानीय लोगों के बीच उनकी सक्रियता और सादगी उन्हें एक भरोसेमंद चेहरा बनाती है।
तेजस्वी यादव के 'किले' में सेंध -तीसरे नंबर पर फिसलते दिखे RJD नेता
तेजस्वी यादव राघोपुर से 2015 और 2020 में लगातार जीत दर्ज कर चुके हैं और दो बार विधायक रहे हैं। 2025 में भी वे इस सीट से चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन शुरुआती रुझानों में वे तीसरे नंबर पर खिसकते दिखे। 11 राउंड की गिनती के बाद उनका अंतर 26 हजार वोटों से ज्यादा हो गया, जो उनके राजनीतिक करियर के सबसे बड़े झटकों में से माना जा रहा है।
राघोपुर: बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल राजनीतिक जमीन
राघोपुर सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि बिहार की सत्ता की धुरी रही है। यह क्षेत्र गंगा के दियारा इलाके में स्थित है, जहां की भौगोलिक बनावट, जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे हमेशा चुनाव को हाई-प्रोफाइल बना देते हैं।
यह सीट लालू-राबड़ी-तेजस्वी की राजनीतिक विरासत का केंद्र रही है, लेकिन इतिहास गवाह है कि यहां कभी-कभी जनता बड़ा उलटफेर भी कर देती है - जैसे 2010 में हुआ था... और अब 2025 में फिर होता दिख रहा है।












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