जब बाबा के कहने पर लालू ने छोड़ दिया सफेद कुर्ता पहनना, अब तेजस्वी को भी मिला आशीर्वाद

क्या अब तेजस्वी यादव की किस्मत साधु-संत और बाबा लोग ही चमकाएंगे ? बनारस के बाबा स्वामी श्रद्धानंद महाराज ने तेजस्वी को प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद दिया है। आज से सात साल पहले बिंध्याचल के पगला बाबा ने लालू यादव को प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद दिया था। उन्होंने लालू यादव को संकटों (चारा घोटला) से बचाने के लिए तंत्र साधना की थी। लेकिन इस तांत्रिक पूजा के तीन महीने बाद ही लालू को चारा घोटला मामले में सजा हो गयी। उनकी सांसदी खत्म हो गयी और उन्हें जेल जाना पड़ा था। एक जमाने में लालू यादव धार्मिक कर्मकांडों के घोर विरोधी हुआ करते थे। धर्म को पाखंड मानने वाले लालू यादव ने कई पवित्र ग्रंथों का जलवाया भी था। लेकिन जब वे चौतरफा संकटों में घिर गये तो उन्हें भगवान की याद आयी। वे पूजा-पाठ और तंत्रमंत्र में भरोसा करने लगे। मतलब के लिए वे धार्मिक तो बन गये लेकिन उनकी मुराद पूरी नहीं हुई। लालू यादव 2024 तक चुनाव नहीं लड़ सकते इसलिए निकट भविष्य में उनके प्रधानमंत्री बनने की कोई संभावना नहीं है। तेजस्वी यादव अभी मुख्यमंत्री भी नहीं बने हैं। इसलिए उनके प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद कितना फलेगा, ये वक्त बताएगा। अगर आशीर्वाद से ही प्रधानमंत्री बनना होता न जाने कितने नेता इस पद को सुशोभित कर चुके होते।

जब लालू यादव गये थे बाबा की शऱण में
जुलाई में 2013 में चारा घोटला से जुड़े चाईबासा कोषागार मामले की सुनवायी अंतिम चरण में थी। संभावना थी कि दो तीन महीनों में सीबीआई स्पेशल कोर्ट इस मामले में सजा सुना देगा। लालू यादव उस समय सांसद थे। उन्हें सजा मिलने का डर सताने लगा। तब उन्होंने संकट से छुटकारा के लिए तांत्रिक पूजा कराने की सोची। वे 27 जुलाई को बिंध्याचल के पगला बाबा के आश्रम में पहुंचे। लालू यादव पगला बाबा को चमत्कारी मानते थे। उन्होंने लालू यादव को सात की उम्र में ही दीक्षा दी थी। लालू यादव ने तब कहा था, जब वे बचपन में एक बार गंभीर रूप से बीमार पड़ गये थे तब डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था। उस वक्त पगला बाबा ने ही उन्हें बचाया था। पगला बाब अघोरपंथी संत थे। लालू यादव बाबा की चरणों में बैठे रहे। तीन घंटे तक पूजा चली। लालू यादव को भरोसा हो गया कि अब उनकी परेशानी दूर हो जाएगी। लेकिन लालू यादव के लिए ये पूजा काम नहीं आयी। चारा घोटला के चाईबासा कोषागार मामले की सुनवाई सितम्बर में पूरी हो गयी। 30 सितम्बर 2013 को रांची की विशेष अदालत ने लालू यादव को दोषी करार दिया। 3 अक्टूबर 2013 को लालू यादव को इस मामले में पांच साल की सजा सुनायी गयी। इस सजा के बाद लालू यादव का राजनीतिक करियर एक तरह से बर्बाद हो गया।

लालू यादव क्यों नहीं पहनते सफेद कुर्ता ?
2015 के विधानसभा चुनाव के पहले भी लालू यादव पगला बाबा से आशीर्वाद लेने बिंध्याचल गये थे। उनकी सत्ता में वापसी हुई तो एक बार फिर उनका विश्वास बढ़ गया। इसके अलावा लालू यादव को एक और तांत्रिक शंकर चरण त्रिपाठी पर भी बहुत भरोसा था। शंकर चरण त्रिपाठी एक चैनल पर दर्शकों को कुंडली के आधार पर भविष्य बताते थे। त्रिपाठी बाबा के कहने पर ही लालू यादव ने सफेद कुर्ता पहनना छोड़ दिया था। बाबा ने लालू यादव से कहा था कि उन्हें बाधा बिध्न से बचने के लिए रंगीन कुर्ता ही धारण करना चाहिए। इसके बाद से लालू ने रंगीन कुर्ता पहनने लगे। आज भी वे सफेद कुर्ता नहीं पहनते। लालू यादव, शंकर चरण त्रिपाठी से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने 2017 में बाबा को राजद का राष्ट्रीय प्रवक्ता तक बना दिया था। तब जदयू ने आरोप लगाया था कि बाबा रेप के आरोपी हैं। 2018 में लालू यादव ने त्रिपाटी बाबा को प्रवक्ता पद से हटा दिया। शंकर चरण त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के पूर्व सेल टैक्स अफसर थे और ज्योतिषी होने का दावा करते थे।

क्या तेजस्वी का कल्याण करेंगे बाबा ?
स्वामी श्रद्धानंद महाराज का मूल आश्रम बनारस के पास है। उन्होंने पटना से कुछ दूर बख्तियारपुर में भी एक आश्रम बनाया है। वे रविवार को राबड़ी देवी से मिलने उनके पटना आवास पर पहुंचे थे। मुलाकात के दौरान उन्होंने राबड़ी देवी को शुभकामना दी, भले अभी कुछ बिघ्न-बाधा हो लेकिन एक दिन आपका बेटा तेजस्वी देश का प्रधानमंत्री बनेगा। कहा जाता है स्वामी श्रद्धानंद के गुरु जी ने अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनने का आशीर्वाद दिया था जो सच में फलितार्थ हुआ। इस आशीर्वाद से तेजस्वी और उनके परिवार में जरूर आशा का संचार हुआ है। स्वामी श्रद्धानंद ने लालू यादव के लिए भी प्रसाद दिया है। लालू यादव अभी बीमार हैं और कुछ दिनों के बाद ही उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी है। उनके कल्याण के लिए यह प्रसाद उन्हें दिया जाएगा। क्या बाबा श्रद्धानंद के आशीर्वाद से तेजस्वी यादव का राजानीतिक भविष्य उज्ज्वल होने वाला है ? फिलहाल तो उन्हें पहले मुख्यमंत्री बनने का सपना पूरा करना है। इसके लिए भी 2025 तक इंतजार करना होगा। वैसे तेजस्वी इस साल मध्यावधि चुनाव की उम्मीद पाले बैठे हैं। अगर बाबा के चमत्कार से यह हो गया तो पहली परीक्षा का समय नजदीक आ जाएगा। वैसे बाबा लोग प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद न जाने कितने नेताओं को दे चुके है। यहां तक कि लालू यादव को भी ये आशीर्वाद मिल चुका है।
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