Waqf Properties In Bihar: बिहार में कितनी है वक्फ बोर्ड की संपत्ति, Tribunal और Patna HC में कई मामले लंबित
Waqf Amendment Bill Passed In Lok Sabha: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने से इस विषय पर चर्चा फिर से शुरू हो गई है कि बिहार में वक्फ़ बोर्ड की कितनी संपत्ति है। वहीं बिल के खिलाफ कई राजनीतिक दल और मुस्लिम संगठन लगातार विरोध दर्ज कर रहे हैं।
संशोधन विधेयक पर पटना सिटी में खानकाह मुनोमिया और इमारत-ए-शरिया ने असहमति जताई है। इमारत-ए-शरिया के डिप्टी काजी सनाउल होदा कासमी ने कहा कि वे इस विधेयक का समर्थन करने वाली सभी पार्टी का विरोध करेंगे। इस विधेयक से वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग या सरकारी विनियोग हो सकता है।

इमारत-ए-शरिया ने मुस्लिम संगठनों के साथ मिलकर पटना के गर्दनीबाग में विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी असहमति व्यक्त की। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मार्गदर्शन में देश भर में इसका विरोध हुआ। मुस्लिम संगठनों का दावा है कि इस विधेयक में 144 त्रुटियां हैं। ज़रूरत पड़ने पर कानून लड़ाई लड़ने की भी बात कही है।
सनाउल होदा कासमी ने इस विधेयक के कारण वक्फ बोर्डों में अन्य धर्मों के संभावित हस्तक्षेप के बारे में चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि अन्य धार्मिक बोर्डों को इस तरह की बाहरी दखलंदाजी का सामना नहीं करना पड़ता। इस विधेयक के पारित होने से वक्फ संपत्ति की अखंडता और स्वतंत्रता को खतरा है, क्योंकि इससे सरकारी उद्देश्यों के लिए इसके दुरुपयोग की संभावना है।
बिहार में 3,000 से ज़्यादा संपत्तियां सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड के अधीन हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड करीब 2,900 संपत्तियों की देखरेख करता है, जबकि शिया वक्फ बोर्ड 327 संपत्तियों का प्रबंधन करता है। इनमें से कई संपत्तियां विवादों में उलझी हुई हैं, जिन पर वक्फ ट्रिब्यूनल और पटना हाई कोर्ट दोनों में मामले लंबित हैं।
सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष मोहम्मद इरशादुल्लाह के अनुसार, बिहार में 2,900 से ज़्यादा सुन्नी वक्फ एस्टेट हैं। अकेले पटना में ही 300 से ज़्यादा संपत्तियां हैं। इनमें से 250-300 संपत्तियों को लेकर वक्फ ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट में कानूनी कार्यवाही चल रही है।
शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अफ़ज़ल अब्बास कहते हैं कि राज्य में कुल 327 शिया वक्फ एस्टेट हैं, जिनमें पटना में 117 हैं। इनमें से करीब 137 मामले वक्फ ट्रिब्यूनल और 37 मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं। बिहार में वक्फ संपत्तियों को लेकर बहस जारी है, क्योंकि हितधारक उनके प्रबंधन और स्वायत्तता को प्रभावित करने वाले विधायी परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।












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