VIDEO:मोतिहारी से रेस्क्यू किया गया बाघ, वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया तो क्या हुआ देखिए

वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व, 18 जून: बिहार में एक बाघ के रेस्क्यू के लिए पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण जिलों में चार दिन तक चला ऑपरेशन आखिरकार का सौ फीसदी सफल रहा। बाघ को उसके प्राकृतिक आवास यानी वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व में शुक्रवार को छोड़ दिया गया। यह नजारा कोई आम नहीं था और एक वन्य जीव को उसके मूल आवास में छोड़े जाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जबर्दस्त तरीके से वायरल हो रहा है और लगातार ट्रेंड कर रहा है। भारतीय वन सेवा के एक अधिकारी रमेश पांडे ने अपने ट्विटर हैंडल से वह वीडियो पोस्ट किया है।

बाघ को जंगल में छोड़ने की रोमांचक तस्वीर

बाघ को जंगल में छोड़ने की रोमांचक तस्वीर

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व में एक बाघ को केज से छोड़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग यह वीडियो देखकर काफी खुश हो रहे हैं, जो कि उनकी प्रतिक्रियाओं में नजर आ रहा है। इस बाघ को पूर्वी चंपारण जिले के जिला मुख्यालय मोतिहारी से रेस्क्यू किया गया था और फिर उसे टाइगर रिजर्व में लाकर छोड़ा गया है। लेकिन, रेस्क्यू किए गए बाघ को जंगल में छोड़े जाने की ऐसी तस्वीर बहुत ही दुर्लभ होती है। और यही वजह है कि जिस रफ्तार से वह निकला उसने देखने वालों को रोमांचित कर दिया है।

चार दिन चला बाघ का रेस्क्यू ऑपरेशन

चार दिन चला बाघ का रेस्क्यू ऑपरेशन

बता दें कि इस बाघ को पहली बार बीते मंगलवार की सुबह में मोतिहारी के पकड़ीदयाल पंचायत के डुमरबना गांव में देखा गया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों में दहशत मच गई थी। लोगों ने पहली बार उसे मक्के की खेत में देखा था। इस बात की जानकारी फौरन वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व और पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान के अधिकारियों को दी गई। देर से ऑपरेशन शुरू तो हो गया, लेकिन मक्के की वजह से बाघ बार-बार नजरों से ओझल होता रहा। आखिरकार उस दिन शाम हो जाने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन सफल नहीं हो सका। रात में बाघ कहीं और के लिए निकल गया। बुधवार को डर के माहौल में बीतने के बाद गुरुवार की सुबह वह फिर से राघोपुर-बेला गांव के बीच नहर के किनारे देखा गया। फिर शुरू हुई उसे सुरक्षित पकड़कर केज वाहन में रखने की कवायद।

बाघ ने किसी पर हमला नहीं किया

बाघ ने किसी पर हमला नहीं किया

आखिरकार वन विभाग और टाइगर रिजर्व की टीम ने ट्रैंकुलाइजर की मदद से उसे बेहोश करके पकड़ लिया। हालांकि, इसके लिए काफी मेहनत करने पड़ी । राहत की बात ये रही कि चार दिन चले इस ऑपरेशन के दौरान बाघ ने किसी पर भी हमला नहीं किया। आईएफएस रमेश पांडे ने ट्विटर पर यह कमाल का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, 'मोतिहारी से रेस्क्यू किए गए एक बाघ को बिहार के पश्चिम चंपारण में वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया है। एक बाघ को अपने आवास में वापस छलांग लगाते देखने से बेहतर और क्या हो सकता है।'(तस्वीरें-वायरल वीडियो से ली गई हैं)

'आजाद जीने के लिए आजाद पैदा हुआ...'

18 जून को शेयर किए जाने के बाद से यह वीडियो अबतक 5 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। यूजर्स बाघ की स्पीड देखकर भौंचक्के हैं। एक ने टिप्पणी की है, 'आजाद जीने के लिए आजाद पैदा हुआ...'। एक ने लिखा है- 'होम स्वीट होम।' इसी तरह से किसी ने 'अद्भूत नजारा' तो किसी ने लिखा है- 'किस जोश और ऊर्जा के साथ घर लौटा...'

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