Bihar Politics: Aurangzeb को लेकर NDA में घमासान!, BJP विधायक ने की जदयू MLC की सदस्यता ख़त्म करने की मांग
Bihar Politics: बिहार में मुगल शासक औरंगजेब के बारे में की गई टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया है। राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं, ऐसे में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर विवाद छिड़ गया है।
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) खालिद अनवर ने महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी (एसपी) विधायक अबू आज़मी की टिप्पणियों से मेल खाते हुए कहा कि औरंगजेब क्रूर नहीं था। इन बयानों से जेडीयू की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नाराज़ है।

भाजपा विधायक ने की पद से हटाने की मांग: बीजेपी विधायक हरिभूषण बचौल ठाकुर ने खालिद अनवर को विधान परिषद से हटाने की मांग की है। उन्होंने अनवर की टिप्पणियों पर अपनी असहमति जताते हुए उन्हें सदन से निकालने की मांग की है। औरंगजेब पर अनवर के रुख से बीजेपी साफ़ तौर पर नाराज़ है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और मांगें: खालिद अनवर ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए बताया कि इतिहासकारों के औरंगजेब के बारे में मिले-जुले विचार हैं। कुछ लोग उसे एक अच्छा शासक मानते हैं, जबकि दूसरे उसे क्रूर कहते हैं। अनवर का मानना है कि विधानसभाओं में ऐसी चर्चा नहीं होनी चाहिए।
खालिद अनवर ने कहा कि, "मेरे विचार से औरंगजेब एक अच्छा राजा था, जिसने अपने तरीके से शासन किया।" अनवर ने कुछ भाजपा नेताओं की आलोचना की है, जो इन मुद्दों पर अतिवादी विचार रखते हैं और बयान देते हैं। उनकी टिप्पणी ने बिहार में राजनीतिक बवाल मचा दिया है।
जेडीयू नेताओं ने अनवर की टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया है। नीतीश कुमार की पार्टी के एक अन्य विधायक संजय ने कहा कि औरंगजेब का महिमामंडन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, चाहे वह किसी भी पार्टी से जुड़ा हो। औरंगजेब की प्रशंसा करने पर महाराष्ट्र के सपा विधायक अबू आजमी को निलंबित किए जाने का भी विरोध किया।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और राजनीतिक निहितार्थ: यह विवाद औरंगजेब जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बारे में अलग-अलग दृष्टिकोणों को उजागर करता है। जबकि कुछ इतिहासकार उसे सकारात्मक रूप से चित्रित करते हैं, अन्य असहमत हैं। यह बहस अब बिहार के राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश कर चुकी है, जिससे एनडीए के भीतर टकराव पैदा हो गया है। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के कारण समय महत्वपूर्ण है, जिससे हर बयान महत्वपूर्ण हो जाता है।
खालिद अनवर की बर्खास्तगी की मांग: खालिद अनवर की बर्खास्तगी की मांग ने जेडीयू और बीजेपी के बीच ऐतिहासिक आख्यानों और वर्तमान राजनीति पर उनके प्रभाव को लेकर गहरे तनाव को जगज़ाहिर कर दिया है। चूंकि दोनों दल इस संवेदनशील मुद्दे पर विचार कर रहे हैं, इसलिए यह देखना बाकी है कि इसका उनके गठबंधन और चुनावी रणनीतियों पर क्या असर होगा।












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