Temple In Bihar: इस नौलखा मंदिर की अनोखी है मान्यता, रोचक है इतिहास, जानिए कैसे हुआ था निर्माण
Naulakha Mandir Muzaffarpur: बिहार के विभिन्न ज़िलों में कई मंदिर मौजूद हैं, जहां कि मान्यता अनोखी है और उनका इतिहास भी रोचक रहा है। इसी क्रम में आज हम आपको मुजफ्फरपुर जिला के कुढ़नी प्रखंड स्थित नौलखा मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। त्रिवेणी सिंह बालिका उच्च विद्यालय (कमतौल, बलिया-बलौर रोड) के पास मौजूद नौलखा मंदिर देखने में काफी खूबसूरत है। यहां की मान्यता है यहां अपनी मुराद लेकर आने वाले लोग खाली हाथ लौटकर नहीं जाते हैं।
ग्रामीणों के आस्था का केंद्र इस शिव मंदिर के निर्माण की कहानी भी बहुत ही रोचक है। ग्रामीणों की मानें तो साल 1992 में कमतौल के रहने वाले शिव कुमार सिंह ने नौलखा मंदिर का निर्माण करवाया था। वह कोलकाता में पान बेचा करते थे। मंदिर के निर्माण में 9 लाख रुपये ख़र्च होने की वजह से नाम नौलखा मंदिर रखा गया।

शिव कुमार सिंह की मौत के बाद उनके दो बेटे प्रेमनाथ सिंह और ललन कुमार सिंह मंदिर की देखभाल कर रहे हैं। मदिर के केयर टेकर केदार सिंह ने बताया कि शिव कुमार सिंह के यहां एक बार चोरी हुई थी। चोरी के बाद शिव कुमार के सपने में भगवान शिव आए थे।
शिव कुमार को सपने में भगवान शिव ने कहा था कि चोरी हुआ सारा धन मिल जाने पर मंदिर का निर्माण करवा देना। इत्तेफाक की बात है उसके बाद ही शिव कुमार का सारा माल मिल गया, जिसके बाद शिव कुमार ने रुपयों का इंतज़ाम कर मंदिर का निर्माण करवाया था।
शिव कुमार सिंह ने मंदिर का निर्माण होने के बाद इसका शिव हनुमान मंदिर रखा था, बाद में गांव के लोगों ने मंदिर की खूबसूरती और उसमे ख़र्च हुई रकम पर मंदिर का नाम नौलखा मंदिर रख दिया। केदार सिंह ने कहा कि यह मंदिर खास तौर पर भगवान शिव का मंदिर, यहां हुनमान भी विराजमान है।












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