Freedom Fighters Temple: स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित मंदिर,सरकार को चाहिए कि...स्थानीय लोगों ने कही ये बात
Freedom Fighters Temple in Begusarai, Bihar: देवी देवताओं को समर्पति मंदिर की कई रोचक ख़बरें आपने पढ़ीं और सुनी होंगी। आज हम आपको उस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां शहीदों को भगवान का दर्जा देते हुए हर रविवार पूजा की जाती है।
बिहार के बेगूसराय ज़िले का छोटा सा गांव परना, सुबह का वक्त और मंदिर परिसर की साफ़ करते कुछ युवक की तस्वीर, वन इंडिया हिंदी की कैमरों में क़ैद यह तस्वीर अपने आप में स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति युवाओं का सम्मान देखने के लिए काफी है।

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर सेवा दल से जुड़े सोनू मौर्या ने वन इंडिया हिंदी से ख़ास बातचीत में बताया कि वह अपनी टीम के साथ अहले सुबह आते हैं। बेगूसराय ज़िला के दूर-दूर के विभिन्न गांवों से टीम के सदस्य आकर मंदिर परिसर की साफ सफ़ाई करते हैं। इसके बाद पूजा करते हैं।
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स्वतंत्रता सेनानियों को सिर्फ अवसर (गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और पुण्यतिथि आदि) पर याद किया जाता है, यह ग़लत है। हम लोगों को चाहिए कि जिन जगहों पर शहीदों की प्रतिमा लगी है, वहा निरंतर साफ़-सफ़ाई करें और अपने युवा पीढियों को शहीदों की वीरता की कहानी सुनाएं।
इससे आने वाली पीढी के नौजवान देश के इतिहास और जवानों की कुर्बानी को याद रखेंगे। इसलिए हम लोग हर रविवार को मंदिर परिसर की साफ़ साफ़ाई करते हैं। पूजा अर्चना करते हुए और लोगों को भी शहीदों के सम्मान और समाज हित में कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
संपूर्ण मंदिर परिसर और इसमें मौजूद हर चीज़ सामूहिक प्रयास का परिणाम है। लोगों ने इस काम के लिए पैसे, ईंटें, स्टील की छड़ें, सीमेंट और पेंट दिए। कई लोगों ने निर्माण कार्य में आवश्यक श्रम का योगदान दिया। यह स्थान हमारी एकता और सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक के रूप में विकसित हुआ है।
विभिन्न धर्मों के लोगों का इसमें योगदान है, शिवराम महतो ग्राम प्रधान थे और उन्हीं की पहल और सभी लोगों की कोशिशों का यह नतीजा है। इस मंदिर में भगवान की पूजा के साथ-साथ स्वतंत्रता सेनानियों की नियमित पूजा के लिए एक परमानेंट पुजारी भी नियुक्त किया। ग्रामीणों के द्वारा पूजा और अन्य कार्यों के लिए ज़रूरत के सभी सामान मुहैय्या करवाई जाती है।
सोनू मौर्या ने कहा कि सरकार के नुमाइंदे सिर्फ विभिन्न अवसरों पर ही शहीदों को याद करते हैं। सरकार को चाहिए कि इस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए कुछ राशि दे, ताकि इसे अच्छे से विकसित किया जा सके। इसे सही से विकसित किया गया तो बिहार के लिए यह मंदिर एक मिसाल बनेगा, स्वतंत्रता सेनानियों की यही सही सम्मान होगा।












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