Tejashwi Yadav News:'बिहार सरकार हाईजैक, फैसले कहीं और से लिए जा रहे', नीतीश कुमार पर तेजस्वी का तंज
Tejashwi Yadav: बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी दिखने लगी हैं चुनावी मैदान पर राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए अपनी जमीन बनाने में जुट गई हैं। 4 मई को राजधानी पटना में महागठबंधन की बैठक हुई जिसमें सीएम फेस को लेकर चर्चा हुई।
इसी बीच आज 5 मई को बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने सीएम नीतीश कुमार को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री अब थक चुके हैं और बिहार में सरकार की बागडोर किसी और के हाथ में चली गई है।

Tejashwi Yadav: नीतीश सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री
तेजस्वी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है और सभी दल अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा, "हमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की हालत देखकर दुख होता है। हम बार-बार उन्हें कहते हैं कि वे अब थक चुके हैं। अब न तो उनमें पहले जैसी ऊर्जा बची है और न ही निर्णय लेने की क्षमता। आज बिहार की सरकार उनके हाथों में नहीं है। मुख्यमंत्री को 'हाईजैक' कर लिया गया है और वे केवल नाम मात्र के नेता बनकर रह गए हैं।"
तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश कुमार अब महज एक 'चेहरा' हैं, जबकि सरकार के असली फैसले कहीं और से लिए जा रहे हैं। उनका यह बयान उस व्यापक राजनीतिक विमर्श को हवा देता है जिसमें यह कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार अब अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान खो चुके हैं और उनकी भूमिका एक 'कठपुतली' जैसी हो गई है।
Tejashwi Yadav: बदले-बदले नीतीश, खो गया भरोसा?
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के पिछले राजनीतिक बदलावों को लेकर भी तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब नीतीश कुमार सामाजिक न्याय और विकास के नाम पर राजनीति करते थे, लेकिन अब वे बार-बार गठबंधन बदलकर अपने आदर्शों से समझौता कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "जनता अब जान चुकी है कि नीतीश कुमार केवल अपनी कुर्सी बचाने के लिए राजनीति कर रहे हैं। बिहार को नेतृत्व देने की उनकी मंशा और क्षमता खत्म हो चुकी है। जो व्यक्ति बार-बार अपनी नीतियां और गठबंधन बदलता है, उस पर कैसे भरोसा किया जा सकता है?"
Bihar Assembly Elections 2025 की तैयारियां जोरों पर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव का यह आक्रामक रुख महज बयानबाजी नहीं है, बल्कि यह 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों के लिए राजद की रणनीति का हिस्सा है। तेजस्वी, नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाकर यह संदेश देना चाहते हैं कि अब राज्य को एक नए और युवा नेतृत्व की जरूरत है।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो तेजस्वी यादव खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं जो न सिर्फ युवा हैं, बल्कि बिहार को विकास और रोजगार की नई दिशा देने का दावा भी कर रहे हैं। तेजस्वी ने अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा और एनडीए नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में आज जो सरकार चल रही है वह "डर" और "दबाव" की राजनीति पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री कभी अपने फैसलों के लिए जाने जाते थे, आज वे खुद फैसले लेने में असमर्थ हैं।
तेजस्वी यादव के इस बयान से बिहार की राजनीति का तापमान एक बार फिर बढ़ गया है। नीतीश कुमार और एनडीए की तरफ से इस बयान पर प्रतिक्रिया आनी बाकी है, लेकिन इतना तय है कि राजद आने वाले चुनावों में "नीतीश थक चुके हैं" को एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाएगा।












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