‘जनविश्वास यात्रा’ के ज़रिए डैमेज कंट्रोल कर रहे तेजस्वी, RJD नहीं 'साहब' के साथ हैं- जानेसार आलम
Jan Vishwas Yatra Siwan News: बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर हैं। वह लगातार एनडीए गठबंधन को आड़े हाथों लेते हुए सरकार की नाकामियों को गिना रहे हैं। वहीं अब वह बिहार की जनता के बीच जाकर अपनी बात भी रख रहे हैं।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अब प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में 'जनविश्वास यात्रा' कर लोगों से मुख़ातिब हो रहे हैं। इसी क्रम में तेजस्वी यात्रा सीवान ज़िले में आने वाली है, चूंकि सीवान पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का गढ़ माना जाता है। इसलिए तेजस्वी की यह यात्रा ज़िले के लिए काफ़ी अहम मानी जा रही है।

'जनविश्वास यात्रा' का बिहार के सीवान ज़िले में क्या असर होने वाला है, यह जानने के लिए वन इंडिया हिंदी की टीम सीवान पहुंची। विभिन्न मुद्दों पर अलग-अलग संगठनों से जुड़े लोगों से बात की। इसी क्रम में सीवान के समाजसेवी जानेसार अलाम से भी बात की।
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जानेसार आलम ने कहा कि बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव 'जनविश्वास यात्रा' के ज़रिए डैमेज कंट्रोल कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें पता चल गया है कि उनकी नाकामयाबी की वजह से ही सत्ता हाथ से गई है। इसलिए अब दोबारा से वह यात्रा के ज़रिए माइनॉरिटी को साधने की कोशिश कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव जो ए टू ज़ेड समीकरण लेकर चल रहे थे, उसमें उन्हें धोखा मिल गया है। इसका जीता जागता उधाहरण राजद विधायक नीलम देवी (अनंत सिंह की पत्नी) और चेतन आनंद (आनंद मोहन के बेटे) हैं। जिन्होंने अपने फ़ायदे के लिए नीतीश कुमार का साथ दे दिया।
तेजस्वी यादव को जब धोखा मिला तो उन्होंने सोचा क्यों ना पहले की तरह पार्टी के 'MY समीकरण' को मज़बूत करें। इससे पार्टी की सियासी ज़मीन मज़बूत होगी और जहां पकड़ ढ़ीली हो गई है वहां पर पैठ बनेगी। तेजस्वी यादव सीवान भी इसी के मददेनज़र चुना है।
सीवान में हो सकता है कि तेजस्वी यादव आकर हीना शहाब से भी मुलाक़ात कर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश करे। हम लोग राजद के साथ नहीं साहब के साथ हैं,वह जहां जाएंगी हम लोग वहीं जाएंगे। तेजस्वी को सिर्फ़ अक्लियतों का वोट चाहिए लेकिन उन्हें साथ लेकर नहीं चलना चाहते।
अब वक्त के साथ सियासी समीकरण भी बदल चुका है। हम लोगों को भी अपना सही प्रतिनिधित्व चुनने का वक्त आ गया है। अब यह नहीं होगा कि बिहार के यादव वोट दें और हरियाणा के यादव राज्यसभा भेजे जाएं। अब यह नहीं होगा कि मुस्लिम चेहरे की जगह पर दूसरे चेहरे को राज्यसभा भेजा जाए।
अशफाक करीम का कार्यकाल ख़त्म हुआ तो उनकी जगह पर किसी मुस्लिम चेहरे को राज्यसभा भेजना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बिहार में 'MY' समीकरण को राजद ने ठगा है। इसलिए तेजस्वी यादव की यह यात्रा सिर्फ़ डैमेज कंट्रोल यात्रा है और कुछ नहीं।












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