'अब कृष्ण का सुदर्शन चलेगा',बहन रोहिणी के अपमान पर फटे तेज प्रताप यादव, तेजस्वी के जयचंदों को दी कड़ी चेतावनी!
Tej Pratap Yadav: बिहार की राजनीति इन दिनों चुनावी हार से ज्यादा लालू परिवार की कलह को लेकर गर्म है। एक तरफ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) करारी हार के झटके से उबरने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ परिवार के भीतर उठी तूफान जैसी बयानबाजी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। रोहिणी आचार्य के अपमान की खबर सामने आते ही तेज प्रताप यादव आगबबूला हो गए और उन्होंने ऐसा बयान दिया जिसने पूरे बिहार का ध्यान खींच लिया।
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है। पार्टी जहां चुनावी नतीजों से उबरने की कोशिश कर रही है, वहीं लालू यादव के परिवार में लगातार बढ़ती बयानबाजी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। परिवारिक तनाव के बीच तेज प्रताप यादव ने अपनी बहन रोहिणी आचार्य के अपमान पर बेहद सख्त भाषा का इस्तेमाल किया है।

तेज प्रताप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी,"जो भी मेरी बहन का अपमान करेगा, उसके खिलाफ कृष्ण का सुदर्शन चक्र चलेगा।" यह सिर्फ एक गुस्सा नहीं, बल्कि परिवार और पार्टी दोनों के भीतर गहराते संकट का संकेत माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि चुनावी हार के बाद उठी यह कलह आरजेडी को नए दौर के संकट की तरफ धकेल देगी या लालू परिवार इसे संभाल पाएगा?
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तेज प्रताप का सख्त रुख
तेज प्रताप यादव ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में और फिर सोशल मीडिया पर साफ चेतावनी दी कि वह बहन के सम्मान से कोई समझौता नहीं करेंगे। उनका बयान सिर्फ नाराजगी नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। तेज प्रताप ने कहा कि यह हमला सिर्फ परिवार पर नहीं, बल्कि बिहार की अस्मिता पर है, और इसका जवाब कठोर होगा।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
जानकारी के अनुसार, आरजेडी के कुछ नेताओं ने तेज प्रताप की बहन रोहिणी आचार्य को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। इस खबर के बाद तेज प्रताप भड़क गए और बैठक में भी अपनी नाराजगी जाहिर की। रोहिणी आचार्य ने तो यहां तक कहा कि अब उनका तेजस्वी और परिवार के कुछ सदस्यों से कोई रिश्ता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बयान देने वालों ने उन्हें दबाव में रखने की कोशिश की।
इंस्टाग्राम पर तेज प्रताप की भावनात्मक पोस्ट
तेज प्रताप ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "मेरी बहन के साथ जो हुआ, वह असहनीय है। सुन लो जयचंदो, परिवार पर वार करोगे तो बिहार की जनता तुम्हें माफ नहीं करेगी। चप्पल उठाने की घटना ने दिल में आग लगा दी है। अब सुदर्शन चक्र चलेगा।" उन्होंने आगे लिखा कि पिता लालू यादव बस एक संकेत भर दे दें, और जनता ही उन लोगों को सबक सिखा देगी।
लालू परिवार में बढ़ता तनाव
रिश्तों की दरार नई नहीं है, लेकिन इस बार मामला गंभीर है। रोहिणी आचार्य ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि वह परिवार और पार्टी से दूरी बना रही हैं। तेज प्रताप खुलकर अपनी नाराजगी जताकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। इससे साफ है कि चुनावी हार ने परिवारिक कलह को और तेज कर दिया है। चुनाव में खराब प्रदर्शन ने आरजेडी पर पहले ही दबाव बढ़ा दिया था। पार्टी सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई। अब परिवारिक विवाद खुलकर सामने आने से पार्टी की छवि पर और असर पड़ने का खतरा है। नेतृत्व अब दुविधा में है कि क्या वह तेज प्रताप की खुली चेतावनी पर कोई कदम उठाए या शांत रहने की रणनीति अपनाए।
तेज प्रताप पहले भी विवादों में
यह पहला मौका नहीं है जब तेज प्रताप पार्टी नेतृत्व से भिड़े हों। 25 मई 2025 को लालू यादव ने सोशल मीडिया पर खुद घोषणा की थी कि तेज प्रताप को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया जा रहा है। उन्हें परिवार से भी बेदखल कर दिया गया था। कारण बताया गया कि तेज प्रताप ने निजी रिश्ते को सार्वजनिक कर परिवार की मर्यादा तोड़ी।
NDA ने इस पूरे विवाद को आरजेडी के भीतर टूट की नयी मिसाल बताते हुए हमला शुरू कर दिया है। भाजपा और जेडीयू नेताओं का कहना है कि अब जनता समझ चुकी है कि आरजेडी सिर्फ परिवार के झगड़े में उलझी है, जनता के मुद्दों से नहीं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद जल्द शांत होने वाला नहीं है। रोहिणी आचार्य के बयानों के बाद तेज प्रताप का खुला समर्थन देना यह दिखाता है कि परिवार में दरार गहरी हो चुकी है। अब देखने वाली बात होगी कि लालू यादव क्या निर्णय लेते हैं - समझौता या कड़ा कदम।
बिहार की राजनीति पर असर?
इस कलह ने चुनाव बाद बनी राजनीतिक स्थिति को और गर्म कर दिया है। एनडीए सरकार बनाने की तैयारी में है, और दूसरी तरफ सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी परिवारिक विवाद में उलझी है। इससे विपक्ष की ताकत कमजोर होती दिख रही है।
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