बिहार चुनाव हारकर भी सत्ता के खेल में कूदे तेज प्रताप! NDA को दिया समर्थन, बहन रोहिणी को लेकर भी बड़ा फैसला
Tej Pratap Yadav NDA Govt Support: बिहार की राजनीति में तेज प्रताप यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद भी तेज प्रताप ने ऐसा कदम उठाया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। उनकी नवगठित पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) ने एनडीए (NDA) सरकार को नैतिक समर्थन देने का फैसला किया है। इसके साथ ही बहन रोहिणी आचार्य को लेकर भी तेज प्रताप ने बड़ा बयान दिया है, जो यह साफ दिखाता है कि लालू परिवार की अंदरूनी राजनीति अब पूरी तरह खुल चुकी है।
NDA को नैतिक समर्थन देकर तेज प्रताप ने दिया बड़ा संदेश
JJD की अहम बैठक में तेज प्रताप ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी मौजूदा एनडीए सरकार को नैतिक रूप से समर्थन देगी। उन्होंने साफ कहा कि राज्य हित उनके लिए सबसे ऊपर है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम यादव ने बताया कि तेज प्रताप इस फैसले को लंबे समय से सोच रहे थे।

यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि तेज प्रताप अब पूरी तरह लालू परिवार और आरजेडी की राजनीति से अलग अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।
रोहिणी को पार्टी संरक्षक बनाने की तैयारी
बैठक के दौरान तेज प्रताप ने एक और चौंकाने वाला प्रस्ताव रखा है। रोहिणी आचार्य को JJD का राष्ट्रीय संरक्षक बनाने का सुझाव। प्रेम यादव ने कहा कि तेज प्रताप जल्द ही रोहिणी से इस विषय पर बात करेंगे और उन्हें पार्टी का चेहरा बनने की विनती करेंगे। रोहिणी हाल ही में तेजस्वी यादव और संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाने के बाद सुर्खियों में आई हैं। तेज प्रताप का यह फैसला बताता है कि वे अपनी बहन के साथ हो रहे विवाद को राजनीतिक मजबूती में बदलना चाहते हैं।
चुनाव में करारी हार, लेकिन राजनीति में एक्टिव तेज प्रताप
तेज प्रताप ने इस चुनाव में अपनी नई पार्टी JJD के टिकट पर महुआ सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने पूरे राज्य में 21 उम्मीदवार उतारे, लेकिन कोई भी सीट हाथ नहीं लगी। महुआ सीट पर तेज प्रताप तीसरे नंबर पर रहे। उनसे आगे एलजेपी (राम विलास) के संजय कुमार सिंह और RJD के मुकेश रोशन रहे। हालांकि हार के बाद भी तेज प्रताप ने कहा कि वे जनता का फैसला स्वीकार करते हैं और सकारात्मक राजनीति जारी रखेंगे। इसी के तहत उन्होंने NDA को समर्थन देने का फैसला लिया है।
बिहार में सरकार गठन की हलचल तेज
दूसरी ओर पटना में सरकार गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। NDA की भारी जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर 16 नवंबर की सुबह से हलचल दिखी। केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उपेंद्र कुशवाहा और विजय सिन्हा सीएम हाउस पहुंचे और मंत्रिमंडल गठन पर चर्चा की।
सूत्रों का दावा है कि मंत्रियों के बंटवारे पर फॉर्मूला लगभग तय हो चुका है, जिसके बाद उपेंद्र कुशवाहा और विजय सिन्हा दिल्ली रवाना भी हो गए हैं। चिराग पासवान और जीतनराम मांझी भी दिल्ली जा सकते हैं। उधर देरी से पहुंचने पर हरि सहनी को सीएम हाउस में एंट्री नहीं मिली, जिसे लेकर भी हलचल बढ़ गई है।
नीतीश ने सोमवार विधायक दल की बैठक बुलाई
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सभी विधायकों को पटना बुलाया है। कल (17 नवंबर) शाम तक विधायक दल की बैठक हो सकती है। जिसमें सीएम शपथ समारोह की तारीख, मंत्रियों के नाम और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
सोमवार (17 नवंबर) को मौजूदा सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक भी होगी और विधानसभा भंग करने की सिफारिश की जाएगी। माना जा रहा है कि नई सरकार 18 से 20 नवंबर के बीच शपथ ले सकती है। शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं।
जेडीयू के संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह दिल्ली में अमित शाह और जेपी नड्डा से मुलाकात कर चुके हैं। यह मुलाकात साफ करती है कि मंत्रिमंडल का फॉर्मूला लगभग तय है।












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