Success Story: राष्ट्रपति के हाथों दूसरी बार Gallantry Award से नवाज़े जायेंगे संजय, जानिए कैसा रहा है सफ़र?
SDPO Sanjay Kumar Pandey Gallantry Award: इंसान सोचता है कि सरकारी नौकरी मिल जाये तो फिर ज़िंदगी में कुछ और नहीं चाहिए। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, सरकारी नौकरी मिल जाने के बाद भी आला मुकाम हासिल करने के लिए सपने संजोते हैं। इसके साथ ही मेहनत कर अपनी कामयाबी की इबारत लिखते हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही पुलिस अधिकारी की कहानी से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जिन्हें दूसरी बार राष्ट्रपति के हाथों वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत में संजय कुमार पांडेय (सदर SDPO, समस्तीपुर) ने अपने बारे में जानकारी साझा कि, उन्होंने बताया कि किस तरह से कामयाबी का परचम लहराते हुए आ रहे हैं। आपको बता दें कि संजय कुमार पांडे पिछले 29 सालों से बिहार पुलिस सेवा में अपनी ज़िम्मेदारियों को बखूबी निभाते आ रहे हैं।

सीवान जिला के पूनक गांव (दरौली प्रखंड) निवासी संजय कुमार मौजूदा वक्त में बतौर SDPO समस्तीपुर सदर में सेवा दे रहे हैं। ग़ौरतलब है कि संजय कुमार पांडेय ज़िला के इकलौते पदाधिकारी हैं, जो कि दूसरी बार राष्ट्रपति के हाथों वीरता अवार्ड से नवाज़े जाएंगे।
संजय कुमार पांडेय को इससे पहले उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के हाथ साल 2007 में बेहतर कार्यों के लिए अवार्ड से नवाज़ा गया था। वहीं विभाग की तरफ से भी उन्हें आंतरिक सुरक्षा अवार्ड से नवाज़ा चा चुका है।आपको को यह जानकर बहुत खुशी होगी कि संजय कुमार पांडेय ने दारोगा से SDPO तक सफ़र तय किया है।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर पहचान बना चुके संजय कुमार पांडेय ने साल 1994 में बतौर दारोगा पुलिस विभाग में शामिल हुए थे। ट्रेनिंग के बाद जहानाबाद में उनकी पहली पोस्टिंग हुई थी। इसके बाद बेगूसराय, खगड़िया और बांका में बतौर थाना अध्यक्ष उन्होंने सेवाएं दी।
संजय कुमार पांडेय ने खगड़िया में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच बदमाशों का एनकाउंटर किया था। इसके बाद ही उन्होंने साल 2007 में राष्ट्रपति के हाथों वीरता पुरस्कार से नवाज़ा गया। इस एनकाउंटर के बाद से ही उन्हे एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की संज्ञा मिली।
बांका में बेहतरीन काम करते हुए वह इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नत हुए। इसके बाद पटना पोस्टिंग हुई। अपने बेहतरीन काम की वजह से वह सुर्खियों में छाते रहे। साल 2013 में उन्हें बतौर DSP के प्रमोशन मिली। नवादा में बतौर डीएसपी उनकी पहली पोस्टिंग थी।
नवादा में करीब 4 साल तक सेवा देने के उनका तबादला सीतामढ़ी के पुपरी में हुई। डीएसपी के तौर पर उन्होंने वहां लगभग ढाई साल सेवाए दीं। इसके बाद मुंगेर के हवेली खड़गपुर में डीएसपी के पद पर 1 साल औऱ शिवहर में डीएसपी पद करीब दो साल कार्यरत रहे। मौजूदा वक्त में वह समस्तीपुर सदर डीएसपी (एसडीपीओ) के तौर में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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