Success Story:पिता ऑटो ड्राइवर, ऑक्शन में मिले पैसे से बेटा तोड़ेगा क़र्ज़, संघर्ष भरा रहा है सफर
Success Story Of Kabaddi Player Sandeep: पटना पाइरेट्स की टीम प्रो कबड्डी लीग के दसवें सीज़न के लिए पटना आ चुकी है। कबड्डी लीग के लिए रोज़ना पाटलिपुत्र खेल परिसर में टीम प्रैक्टिस कर रही है। इस टीम (पटना पाइरेट्स) में समस्तीपुर ज़िला के छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले संदीर कुमार को जगह मिली है।
संदीप ने कहा कि वह बहुत ही सौभाग्यशाली हैं कि एक छोटे से गांव से होने के बावजूद उन्हें प्रो कबड्डी लीग में खेलने का मौक़ा मिला है। गांव के खेतों में खेलते हुए स्टेडियम तक का सफ़र तय हो पाया है। संदीप के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। मां घरेलू महिला हैं और पिता ऑटो चला के परिवार का गुज़र बसर करते हैं।

संदीप की बचपन से ही कबड्डी में दिलचस्पी थी, वह सातवीं क्लास से ही कबड्डी में अपने कैरियर को तलाश कर रहे थे। उनका ज़्यादातर वक्त कबड्डी खेलने में ही गुज़रता था। इस बात पर परिवार के लोग डांटते भी थे। परिवार के लोग चाहते थे कि पढ़ाई पर ध्यान दें।
संदीप ने कहा कि कबड्डी का जुनून देखने के बाद परिवार के लोगों ने भी साथ देना शुरू कर दिया। आज जिस मुक़ाम पर वह पहुंचे हैं, उसके पीछे उनके पिता का बहुत ही अहम योगदान रहा है। संदपी ने बताया कि मां पिता जी के ऊपर क़र्ज़ है। ऑक्शन का पैसा मिलने पर सबसे पहले उनके क़र्ज़ अदा करूंगा। उन्होंने जो मुझे लेकर सपना देखा उसे ज़रूर पूरा करूंगा।
संदीप ने कहा कि पाटलिपुत्र स्टेडियम मेरा होम ग्राउंड है, यह पहले प्रशिक्षण लिया करते थे। प्रो कबड्डी लीग खेलने का पहली बार मौक़ा मिला है। इसलिए अच्छे से तैयारी कर लीग खेलने आये हैं। अपनी टीम को मजबूत करते हुए शानदार प्रदर्शन की कोशिश करेंगे।
संदीप ने कहा कि आज की तारीख में गरीब होना कोई अभिशाप नहीं है। अगर आपके अंदर हौसला और जुनून है तो कामयाबी की मज़िल तक ज़रूर पहुंचेंगे। संदीप की कामयाबी से उनके परिवार और जिले के लोग काफी खुश हैं। आपको बता दें कि टीम में संदीप बतौर रेडर खेलते हैं।












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